

Amravati Zilla Parishad: अमरावती जिला परिषद अमरावती के निर्माण विभाग की टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर महाराष्ट्र राज्य यूथ कांग्रेस की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में संगठन की ओर से समीर जवंजाल ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है। पत्र में बताया गया है कि 18 अप्रैल 2026 के तहत जारी टेंडर प्रक्रिया में कई खामियां सामने आई हैं।
आरोप है कि पहले से प्रकाशित टेंडर की शर्तों में अचानक बदलाव किया गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके अलावा संशोधन के जरिए कार्यों में गड़बड़ी, ईपीएफओ की नई शर्तों को बिना स्पष्ट आदेश के लागू करना और 3 महीने का चालान अनिवार्य करना भी विवाद का कारण बना है।
समीर जवंजाल ने आरोप लगाते हुए कहा है कि तहसील स्तर पर टेंडर का समान वितरण नहीं किया गया, बल्कि एक ही जगह केंद्रीकरण किया गया, जिससे स्थानीय ठेकेदारों और बेरोजगार मजदूर सहकारी संस्थाओं को नुकसान हो रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि टेंडर नोटिस को मराठी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में स्पष्ट रूप से प्रकाशित नहीं किया गया, जिससे पारदर्शिता की कमी नजर आती है। इस मामले को लेकर राजनीतिक और ठेकेदार वर्ग में चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।