विदर्भ के कैलिफोर्निया पर प्रकृति की मार, वरुड़ में भीषण गर्मी और अज्ञात रोग से संतरे के बगीचे हुए बर्बाद
Amravati Crop News: अमरावती जिले की वरुड़ तहसील में भीषण गर्मी और अज्ञात रोगों के कारण संतरे की फसल बर्बाद हो रही है। किसान सरकार से विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन और आर्थिक मदद की मांग कर रहे हैं।
Amravati Agriculture Crisis News: विदर्भ के कैलिफोर्निया पर प्रकृति की मार भीषण गर्मी और अज्ञात रोग से पीले पड़ रहे संतरे अमरावती, ब्यूरो। जिले की वरुड़ तहसील जिसे अपनी उच्च गुणवत्ता वाले संतरों के कारण विदर्भ का कैलिफोर्निया कहा जाता है, इस समय एक गंभीर कृषि संकट से जूझ रही है। इस वर्ष अंबिया बहार के बेहतर प्रस्फुटन से किसानों के चेहरे खिले थे, लेकिन मार्च की शुरुआत से ही बढ़ते तापमान और अब अज्ञात रोगों के हमले ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
भीषण गर्मी और जलते बगीचे
मार्च के प्रारंभ से ही सूर्य की प्रखर किरणों और लू के कारण छोटे फलों की झड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। 20 अप्रैल के बाद भी यह स्थिति नहीं सुधरी है, बल्कि अब कई बगीचों में आधे से ज्यादा फल झड़ चुके हैं। आलम यह है कि पर्याप्त पानी देने के बावजूद संतरा के पेड़ों के शिखाग्र सूख रहे हैं और पत्तियां पीली पड़कर गिर रही हैं।
अज्ञात रोग और डिंक्या का प्रकोप
गर्मी के साथ-साथ अब संतरा पेड़ों पर अज्ञात बीमारी का संक्रमण देखा जा रहा है। पेड़ों की टहनियां अचानक सूखने लगी हैं और कई इलाकों में डिंक्या रोग के लक्षण भी साफ दिखाई दे रहे हैं। तहसील के लगभग 20,500 हेक्टेयर संतरा क्षेत्र में फैले इन बगीचों में किसान असहाय महसूस कर रहे हैं। विशेषज्ञों के उचित मार्गदर्शन के अभाव में किसान इस अज्ञात बीमारी का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं।
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संकटों का अंबार
संतरा उत्पादकों के सामने समस्याओं का पहाड़ खड़ा है। खाद की किल्लत ने पेड़ों के पोषण को प्रभावित किया है। पिछले साल अंबिया बहार के उचित दाम न मिलने से किसान पहले ही आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। यहां से संतरा देशविदेश में निर्यात किया जाता है, लेकिन पेड़ों के सूखने से उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों पर विपरीत असर पड़ रहा है।
प्रभावित क्षेत्र
वरुड तहसील के सातनुर, रवाला, पुसला, वाई, धनोडी, मालखेड, झटामझिरी, वरुड़, जरूड, लोणी, चांदस वाठोडा, सुरली, कुरली, तिवसाघाट, बेनोडा, हिवरखेड़, जामगाव और खडका जैसे प्रमुख संतरा उत्पादक क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
मार्गदर्शन करने की मांग
अज्ञात रोगों और बढ़ती गर्मी से प्रभावित संतरा उत्पादक अब सरकार और कृषि विभाग की ओर देख रहे हैं। किसानों कृषि विभाग के विशेषज्ञ जल्द से जल्द बगीचों का निरीक्षण करें और इस अज्ञात बीमारी से निपटने के लिए उचित दवाओं और उपायों का मार्गदर्शन प्रदान करने की मांग की है।
