

Amravati Legislative Council Election: जहां भाजपा का एक गुट प्रवीण पोटे के नाम पर नाराजगी व्यक्त कर रहा है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस में भी हर्षराज देशमुख के नाम पर अपनीअपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की जा रही है। भले ही इनका नाम स्पष्ट नहीं है, लेकिन चुनाव लड़ने के लिए यह दोनों ही प्रत्याशी पूरी तरह तैयार हैं।
चुनाव में महायुति तथा महा विकास आघाड़ी के बीच बराबरी का संख्याबल होने से चुनाव काफी रोचक मुकाबला हो सकता है। आगामी 17 जून को होने वाले मतदान के लिए भाजपा तथा कांग्रेस की ओर से आंतरिक राजनीतिक दांवपेंच को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। किंतु टिकट को लेकर अभी तक नाम स्पष्ट नहीं किया गया है।
जहां नागपुर के हर्षराज देशमुख ने शनिवार को कांग्रेस के दिग्गज नेताओं संग अपना नामांकन भरा है। वहीं उनका नामांकन पूरी तरह भरा नहीं गया है। उसमें बी फॉर्म की कमी रहने से वह आज बी फॉर्म भर सकते हैं। उसके बाद ही उनके नाम पर अंतिम मुहर लगेगी। वहीं 29 मई को पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे पाटिल ने अपना नामांकन भरने की घोषणा की थी, मगर किसी कारण से उन्होंने उस दिन नामांकन नहीं भरा था। वे 1 जून को अपना नामांकन पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, भाजपा व महायुति के बड़े नेताओं की उपस्थिति में भर सकते हैं।
ज्ञात हो कि भाजपा की ओर से प्रवीण पोटे के नाम की घोषणा किए जाने के चलते भाजपा की स्टार प्रचारक पूर्व सांसद नवनीत राणा व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सबसे करीबी कहे जाने वाले रवि राणा काफी नाराज दिखाई दे रहे हैं। पोटे के नाम पर उनकी नाराजगी के चलते ही वे अब इस बात को लेकर दिल्ली में वरिष्ठों से शिकायत कर सकते हैं। नामांकन के एक दिन पहले ही राणा दंपती दिल्ली के लिए रवाना होने से चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है। 453 मतदाता करेंगे निर्णय जिले से कुल 453 मतदाता हैं। इसमें महायुति के तहत भाजपा, शिंदे सेना, राकांपा अजित पवार तथा भाजपा समर्थित युवा स्वाभिमान को मिलाकर 227 का भारी संख्याबल है।
वहीं कांग्रेस तथा उनके सहयोगी सहित अन्य को मिलाकर 226 मतदाताओं का अच्छाखासा बलाबल है। जिसके चलते यहां महायुति तथा महा विकास आघाड़ी के बीच काफी कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी उतरने की तैयारी में हैं। ऐसे में एमआईएम के पूर्व प्रदेश महासचिव अब्दुल नाजीम ने भी अभी तक कुल 3 फॉर्म उठाए हैं।
अगर वह भी चुनाव में खड़े होते हैं, तो कांग्रेस व भाजपा के वोट में सेंध लग सकती है। पिछले चुनाव में प्रवीण पोटे को यह वोट मिले थे। बता दें कि इस बार एमआईएम के जिले में लगभग 16 सदस्य हैं, जिनका वोट निर्णायक हो सकता है।
चुनाव आते ही कांग्रेस में अल्पसंख्यक नेताओं में नाराजगी फैलना अब आम बात हो चली है। जिसके कारण अब यह नेता सोशल मीडिया के मार्फत अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। वहीं हर्षराज को बाहरी पार्सल की संज्ञा देकर नकारने का आह्वान किया जा रहा है। अल्पसंख्यक समाज का मानना है कि यवतमाल पैटर्न की तरह इस बार जिले में भी समाज को प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए था। अब इस पर कांग्रेस पर्यवेक्षक यशोमती ठाकुर की क्या प्रतिक्रिया होती है, इस पर भी सभी की नजर टिकी हुई है।
| विवरण | तिथि / संख्या |
|---|---|
| अधिसूचना जारी | 25 मई 2026 |
| नामांकन पत्रों की जांच | 2 जून 2026 |
| नामांकन वापसी की अंतिम तिथि | 4 जून 2026 |
| मतदान की तिथि | 18 जून 2026 |
| मतगणना व परिणाम | 22 जून 2026 |
| कुल मतदाता | 453 |