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अमरावती में छात्र छू सकेंगे हजारों साल पुराना उल्कापिंड, अंतरिक्ष विज्ञान सीखने का अनोखा अवसर

Amravati Science Council: अमरावती के विद्यार्थियों को जल्द ही हजारों वर्ष पुराने वास्तविक उल्कापिंड को देखने और छूने का अवसर मिलेगा। छात्रों को ब्रह्मांडीय संरचना के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी होगी।

  • Author By Anuj Sahu | published By महाराष्ट्र डेस्क |
Updated On: Jun 02, 2026 | 05:34 PM

Space Science (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)

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Amravati Science News: अंतरिक्ष, ग्रहों, तारों और उल्कापिंडों के बारे में अब तक केवल पुस्तकों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शहर में एक अनूठा अनुभव मिलने जा रहा है। महाराष्ट्र विज्ञान परिषद, अमरावती विभाग के अध्यक्ष प्रवीण गुल्हाने जापान अध्ययन दौरे से लौटते समय अर्जेंटीना में मिले हजारों वर्ष पुराने उल्कापिंड का एक छोटा नमूना शहर लेकर आए हैं। इससे विद्यार्थियों को अंतरिक्ष से पृथ्वी पर आए वास्तविक उल्कापिंड को देखने, छूने और उसके बारे में जानने का अवसर मिलेगा।

प्रवीण गुल्हाने ने बताया कि उन्हें हिलटॉप और तुस्की कंसल्टेंसी के माध्यम से जापान अध्ययन दौरे में शामिल होने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने जापान के विश्वस्तरीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र जैक्सा स्पेस सेंटर का दौरा किया। यहां उपग्रह निर्माण, रॉकेट तकनीक, अंतरिक्ष यात्रियों के लिए उपकरणों का विकास, चंद्र मिशन तथा अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े विभिन्न अनुसंधान कार्यों को करीब से देखने का मौका मिला।

छात्रों के लिए प्रदर्शित होगा हजारों वर्ष पुराना उल्कापिंड

उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष क्षेत्र में हो रहे अत्याधुनिक शोध को देखकर विद्यार्थियों तक कुछ विशेष पहुंचाने का विचार आया और इसी सोच के तहत उल्कापिंड का नमूना अमरावती लाने का निर्णय लिया गया। जानकारी के अनुसार यह नमूना अर्जेंटीना में मिले एक प्राचीन उल्कापिंड का हिस्सा है, जो हजारों वर्ष पहले पृथ्वी पर गिरा था।

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वैज्ञानिक अध्ययन में भी होगा उपयोगी

विशेषज्ञों के अनुसार अंतरिक्ष से पृथ्वी पर आने वाले उल्कापिंडों का अध्ययन वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इनके विश्लेषण से ब्रह्मांड में मौजूद धातुओं की संरचना, ग्रहों के निर्माण की प्रक्रिया तथा अंतरिक्ष में होने वाले परिवर्तनों को समझने में सहायता मिलती है। प्रवीण गुल्हाने ने विश्वास व्यक्त किया कि हजारों वर्ष पुराने इस उल्कापिंड के छोटे से नमूने के माध्यम से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर के अंतरिक्ष अनुसंधान की प्रत्यक्ष जानकारी मिलेगी और विज्ञान शिक्षा को नई दिशा प्राप्त होगी।

Amravati students meteorite sample space science pravin gulhane

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Published On: Jun 02, 2026 | 05:01 PM

Topics:  

  • Amravati News
  • Maharashtra News
  • Space News

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