Amravati Saint Gulabrao Maharaj: अमरावती विदर्भ के महान संत, और महान साहित्यकार प्रज्ञाचक्षु संत गुलाबराव महाराज की समृद्ध साहित्यिक विरासत को संरक्षित और प्रसारित करने के लिए अमरावती में एक अत्याधुनिक ग्रंथ संग्रहालय बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।
राजस्व मंत्री एवं अमरावती जिले (Amravati) के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। हाल ही में अमरावती दौरे के दौरान पालकमंत्री बावनकुले ने चांदूर बाजार बेलोरा तीर्थक्षेत्र की वारकरी शिक्षण संस्था और गुलाबराव महाराज साहित्य प्रचार मुहिम के एक शिष्टमंडल से मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान शिष्टमंडल ने प्रस्तावित संग्रहालय की सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। फोटो पालकमंत्रीपालकमंत्री ने इस उपक्रम की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने इस परियोजना को प्रशासनिक गति देने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्था द्वारा इस प्रोजेक्ट का एक विस्तृत और प्रभावी प्रेजेंटेशन तत्काल जिला अधिकारी कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
इससे इस भव्य संग्रहालय के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।134 ग्रंथों का डिजिटल संग्रह बनेगा आकर्षणसंत गुलाबराव महाराज साहित्य प्रचार मुहिम के प्रमुख माधुर्य विस्मय ठाकरे ने इस दिशा में विशेष पहल की है। महाराज द्वारा रचित 134 ग्रंथों का अनमोल संग्रह, जो लगभग 6,000 पृष्ठों में फैला हुआ है।
इस पूरे साहित्य को डिजिटल तकनीक के माध्यम से आकर्षक, सरल और शोधपरक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और सामान्य पाठकों को महाराज के गहन विचारों और दर्शन को समझने में आसानी होगी।