

Amravati Farmers Rain Relief: लंबे अंतराल के बाद शुक्रवार रात और शनिवार को शहर समेत जिले के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर तेज बारिश हुई। करीब 15 दिनों से कमजोर पड़े मानसून ने दोबारा दस्तक देने से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। खेतों में नमी पहुंचने से खरीफ फसलों को राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, जिले में अब तक बारिश सामान्य से काफी पीछे है।
12 सितंबर की सुबह 10.35 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार जिले में जून से अब तक औसतन 433.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य औसत 769.9 मिमी का केवल 56.3 फीसदी है। यानी जिले में अब तक सामान्य से 43.7 फीसदी कम बारिश हुई है। बारिश का वितरण भी असमान रहा है। कुछ तहसीलों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि कई क्षेत्र अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। तहसीलवार आंकड़ों में नांदगांव खंडेश्वर 611.3 मिमी बारिश के साथ सामान्य के सबसे करीब है।
यहां सामान्य की 91.2 फीसदी बारिश हो चुकी है. चांदुर रेलवे में 506.3 मिमी यानी 79.6 फीसदी, धामनगांव में 527.1 मिमी यानी 67.8 फीसदी और अंजनगांव में 360 मिमी यानी 68.2 फीसदी बारिश दर्ज हुई है। धारणी में 594.9 मिमी, अमरावती में 447.9 मिमी और दर्यापुर में 359.6 मिमी बारिश हुई है। वहीं अचलपुर में अब तक केवल 303.6 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य की 41.9 फीसदी है। चिखलदरा में 586.3 मिमी बारिश के बावजूद यह सामान्य का केवल 47 फीसदी है। वरुड में 353.2 मिमी यानी 50.3 फीसदी तथा भातकुली में 321.5 मिमी यानी 52 फीसदी बारिश दर्ज हुई है।
धारणी तहसील क्षेत्र में शुक्रवार शाम करीब दो घंटे तक झमाझम बारिश हुई। लंबे अंतराल के बाद हुई अच्छी बारिश से किसानों को राहत मिली है। खेतों में नमी बढ़ने से सोयाबीन, कपास और तुअर सहित खरीफ फसलों को फायदा होने की उम्मीद है। बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने राहत की सांस ली। कुछ स्थानों पर सड़कों और निचले इलाकों में पानी जमा हुआ, लेकिन किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं है। किसानों का कहना है कि आगामी दिनों में भी अच्छी बारिश जारी रही तो फसलों की स्थिति में सुधार हो सकता है।
वरुड तहसील क्षेत्र में शनिवार शाम करीब दो घंटे तक लगातार बारिश हुई। लंबे अंतराल के बाद हुई इस बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से सोयाबीन, कपास, तुअर सहित अन्य खरीफ फसलों को फायदा होने की उम्मीद है। बारिश की अनिश्चितता के कारण किसान फसलों को लेकर चिंतित थे। विशेषकर सोयाबीन की बढ़वार प्रभावित हो रही थी, शनिवार की बारिश ने किसानों को दिलासा दिया है। किसानों का कहना है कि फसलों की स्थिति सुधारने के लिए आगामी दिनों में भी नियमित और पर्याप्त बारिश जरूरी है। बारिश से वातावरण में ठंडक भी घुल गई।
12 सितंबर को सुबह तक भातकुली में सर्वाधिक 14.7 मिमी बारिशा दर्ज हुई। नांदगांव खंडेश्वर में 12.2. धारणी में 10.2. अमरावती में 9.1, चांदुर रेलवे में 7.4, धामणगांव में 6.3 और तिवसा में 6 मिमी बारिश हुई। सितंबर में अब तक धारणी में सर्वाधिक 39.6 मिमी बारिश दर्ज हुई है। इसके बाद चिखलदरा 26, वरुड 23.8 और चांदुर बाजार 23.1 मिमी पर है।
बारिश के लंबे अंतराल से सोयाबीन, कपास और तुअर सहित खरीफ फसलों को लेकर किसानो की चिंता बढ़ गई थी। विशेषकर सोयाबीन की बढ़वार पर बारिश की कमी का असर दिखाई दे रहा था। ऐसे में दोबारा हुई बारिश से फसलों को संजीवनी मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि किसानों का कहना है कि केवल एक-दो बारिश से स्थिति पूरी तरह नहीं सुधरेगी। आगामी दिनों में नियमित और पर्याप्त बारिश होना जरूरी है। अब किसानों की निगाहें मानसून के शेष दिनों की बारिश पर टिकी हैं।