अमरावती में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार, तीन महिलाओं को सुरक्षित निकाला

Human Trafficking Investigation: अमरावती के राजापेठ थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक कथित अंतरराज्यीय सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और तीन महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला।
amravati Prostitution racket bust rajapeth police action
देह व्यापार मामला- एआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Amravati Prostitution Racket: राजापेठ पुलिस ने सेक्स रैकेट के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बेहद संगठित और अंतर-राज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। हाई-प्रोफाइल रैकेट में शामिल दो मुख्य संचालकों को सामरा नगर से धर दबोचा और तीन महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला।

पूछताछ में महिला आरोपी ने बताया कि उसका पति मध्यप्रदेश और पश्चिम बंगाल के एजेंट के द्वारा शहर में महिलाएं बुलाता था और उन्हें एक फ्लैट किराये पर देकर देहव्यापार चलाता था। महिला आरोपी ने इसके पहले भी साईनगर, देशमुख लेआउट, गोंडबाबा मंदिर परिसर और फिर सामरा नगर में देहव्यापार चलाने की बात स्वीकारी।

पॉश इलाके के फ्लैट में चल रहा था धंधा

पुलिस को गोपनीय जानकारी मिली थी कि शहर के सामरा नगर इलाके में स्थित 'साईदर्शन रेसिडेंसी' के फ्लैट नंबर 402 में बड़े पैमाने पर देह व्यापार का अवैध धंधा चलाया जा रहा है। पुलिस ने पहले नकली ग्राहक भेजा। जैसे ही अंदर से हरी झंडी मिली, पुलिस की विशेष टीम ने पंचों के साथ फ्लैट पर अचानक छापा मार दिया। मौके से पुलिस ने आरोपी महिला और सुशांत पलसपगार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। मामले की जांच राजापेठ के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप चव्हाण के नेतृत्व में डीबी टीम के सहायक पुलिस निरीक्षक नितिन शिंदे, जांच अधिकारी रोशन चटे कर रहे हैं।

मंगलधाम में भी देहव्यापार शुरू !

महिला आरोपी ने बताया कि उसका सगा भाई मंगलधाम परिसर में स्वतंत्र रूप से ऐसे प्रकार का व्यवसाय करता है। इस बारे में पुलिस जांच कर रही है।

वाट्सएप बिजनेस व फोन से डिजिटल डीलिंग

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह ग्राहकों से सीधे बात करने के बजाय वाट्सएप बिजनेस अकाउंट का इस्तेमाल किया जाता था। ग्राहकों को मोबाइल पर ही महिलाओं की तस्वीरें भेजी जाती थीं और प्रति महिला 2,500 रुपए का रेट तय किया जाता था। पैसे भी सीधे नकद लेने के बजाय फोन से और अन्य ऑनलाइन डिजिटल माध्यमों से लिए जाते थे। आरोपियों के मोबाइल से पुलिस को भारी संख्या में महिलाओं के फोटो और कई संदिग्ध चैट मिले हैं।

रसूखदार लोग और सरकारी कर्मचारी रडार पर

पुलिस द्वारा जब आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल इनपुट का विश्लेषण किया गया, तो शहर के कई रसूखदार लोगों, बड़े व्यापारियों और कुछ शासकीय व निमशासकीय कर्मचारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। प्राथमिक जांच में यह भी अंदेशा है कि आरोपियों ने कुछ वीआईपी ग्राहकों के वीडियो भी छुपकर बनाए थे, ताकि बाद में उन्हें ब्लैकमेल कर मोटी रकम नवसूली जा सके। पुलिस इस बिंदु पर भी गहराई से तफ्तीश कर रही है।

मकान मालिकों को कड़ी चेतावनी

इस बड़ी घटना के बाद शहर पुलिस ने मकान मालिकों के लिए एक सख्त एडवायजरी जारी की है। अपना घर या फ्लैट किराए पर देते समय संबंधित व्यक्ति के पूरे दस्तावेज लेने, किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है, समय-समय पर अपने फ्लैट पर जाकर यह जांचना मकान मालिक की जिम्मेदारी है कि वहां कोई अनैतिक कार्य तो नहीं हो रहा, यदि आस-पड़ोस में कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना दें, सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।

बाहरी राज्यों के एजेंटों से था कनेक्शन

गिरफ्तारी के बाद जब मुख्य आरोपी महिला से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए उसने बताया कि उसका पति (जो फिलहाल फरार है) इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है, वह मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बड़े एजेंटों के संपर्क में था और वहीं से महिलाओं को पैसों का लालच देकर अमरावती बुलाता था। इसके बाद पुलिस और समाज की नजरों से बचने के लिए शहर के वीआईपी और उच्चभ्रू इलाकों में 2बीएचके फ्लैट किराए पर लेकर यह धंधा चलाया जाता था।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com