

Highlights:
अमरावती में एक ही दिन में दत्तक ग्रहण के 9 मामलों में आदेश पारित किए गए।
जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी आशीष येरेकर ने आदेश जारी किए।
नौ बच्चों को सुरक्षित, स्थायी और प्रेमपूर्ण पारिवारिक वातावरण मिलने का अवसर मिलेगा।
Amravati Adoption: किसी बच्चे के लिए परिवार का साथ, माता-पिता का स्नेह और सुरक्षित बचपन सबसे अनमोल होता है। इसी दिशा में अमरावती जिले में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी आशीष येरेकर ने दत्तक ग्रहण प्रक्रिया के तहत एक ही दिन में नौ मामलों में दत्तक आदेश पारित किए। इस निर्णय से नौ बच्चों को प्रेमपूर्ण और सुरक्षित पारिवारिक वातावरण में जीवन बिताने का अवसर मिलेगा। हर बच्चे को स्थायी और सुरक्षित परिवार में पलने-बढ़ने का अधिकार है।
इसी उद्देश्य से दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पूरी संवेदनशीलता और कानूनी नियमों के अनुसार संचालित की जाती है। इसमें बच्चे के सर्वोत्तम हित, भावी दत्तक माता-पिता की पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों तथा अन्य कानूनी पहलुओं की जांच की जाती है। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद जिलाधिकारी येरेकर ने नौ मामलों में आदेश जारी किए।
इस प्रक्रिया को पूरा करने में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी संजय गट, जिला बाल संरक्षण अधिकारी अजय डबले, बाल संरक्षण अधिकारी भूषण कावरे तथा विशेष दत्तक संस्था की अधीक्षिका सिस्टर ट्रीजा ने समन्वय के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अजय डबले ने कहा कि प्रत्येक मामले को संवेदनशीलता से संभालते हुए सभी संबंधित विभागों के सहयोग से प्रक्रिया समय पर पूरी करने के प्रयास किए जाते हैं। प्रशासन ने इच्छुक अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से ही गोद लें।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को प्रेमपूर्ण और स्थायी परिवार में बढ़ने का अवसर मिलना आवश्यक है। दत्तक ग्रहण केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि बच्चों के जीवन को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। पात्र मामलों का समय पर निपटारा कर बच्चों के हितों की रक्षा करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।