Amravati Women Empowerment News: अमरावती जिले में महिला आर्थिक विकास महामंडल माविम ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों के कारण आज हजारों महिलाएं स्वावलंबन की राह पर अग्रसर हैं। माविम के माध्यम से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 5,046 महिला बचत समूहों की स्थापना की गई है।
इन समूहों में 50,751 महिलाएं सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। नियमित बचत की आदत और आर्थिक अनुशासन के कारण इन महिलाओं ने अब तक 81 करोड़ 43 लाख रुपये की सामूहिक बचत जमा कर ली है।
513 करोड़ रुपये का कर्ज वितरण। महिलाओं की प्रगति के लिए राष्ट्रीयकृत और सहकारी बैंकों के सहयोग से बचत समूहों को बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। अब तक महिला बचत समूहों को कुल 513 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है।
इस वित्तीय मदद से महिलाओं ने डेयरी व्यवसाय, कृषि पूरक उद्योग, किराना दुकान, सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण और विभिन्न लघु उद्योग शुरू किए हैं। इन व्यवसायों से न केवल पारिवारिक आय बढ़ी है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है।
समूहों को 4 करोड़ से अधिक का विशेष अनुदान। जिला वार्षिक योजना महिला एवं बाल कल्याण सशक्तिकरण योजना के तहत वर्ष 202526 में महाराष्ट्र में पहली बार एक विशेष पहल की गई है। इसके अंतर्गत बचत समूहों को मजबूत करने के लिए 407 समूहों को प्रति समूह 1 लाख रुपये के मान से कुल 4 करोड़ 7 लाख रुपये की निधि व्यवसाय वृद्धि के लिए प्रदान की गई है।
बाजार उपलब्ध कराने पर जोर। हम महिलाओं को केवल आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि व्यवसाय प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दे रहे हैं। ग्रामीण महिलाओं का स्वावलंबन ही समाज के विकास का असली आधार है।
डॉ. रंजन वानखड़े, वरिष्ठ जिला समन्वय अधिकारी, माविम।