अमरावती ‘लाडकी बहिण’ योजना में 2,100 रुपये का वादा अधूरा, 22 हजार से अधिक महिलाएं अपात्र घोषित
अमरावती जिले में 'माझी लाडकी बहिण' योजना के लाभार्थियों में नाराजगी है। 2,100 रुपये के वादे के बावजूद केवल 1,500 रुपये मिल रहे हैं। सत्यापन प्रक्रिया में 22,000 से अधिक महिलाएं अपात्र पाई गई हैं।
Amravati Ladki Bahin Yojana News: महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना अब सवालों के घेरे में है। विधानसभा चुनाव के दौरान इस योजना को गेमचेंजर माना जा रहा था और मानधन को 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये करने की घोषणा की गई थी। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि आज भी महिलाओं के खाते में केवल 1,500 रुपये ही जमा हो रहे हैं, जिससे लाभार्थियों में भारी नाराजगी और भ्रम की स्थिति है।
घोषणा और हकीकत में अंतर
मार्च में हुए बजट सत्र के दौरान मानधन बढ़ाकर 2,100 रुपये करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन यह वृद्धि कब से लागू होगी, इस पर अब तक कोई स्पष्टता नहीं है। इसके विपरीत, सरकार ने अब लाभार्थियों की पात्रता की दोबारा जांच और आर्थिक सत्यापन शुरू कर दिया है, जिससे लाभार्थी महिलाएं खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं।
पड़ताल में 22,000 से अधिक महिलाएं अपात्र
जिले में इस योजना के आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जिले में लगभग 7,20,603 महिलाओं ने पंजीकरण कराया था। शुरुआती जांच में 6 लाख 98 हजार 536 महिलाएं पात्र पाई गईं। नई सत्यापन प्रक्रिया में 22,067 महिलाओं के आवेदन विभिन्न कारणों से रद्द कर दिए गए हैं। नए कड़े नियमों के डर से जिले की 44 महिलाओं ने स्वयं इस योजना से अपना नाम वापस ले लिया है।
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चारपहिया वाहन बना बड़ी बाधा
योजना के नियमों के अनुसार लाभार्थी के परिवार में किसी के पास भी चार पहिया वाहन नहीं होना चाहिए। जिले में सत्यापन के दौरान 5,942 महिलाएं ऐसी मिलीं जिनके परिवार के पास कार या अन्य चार पहिया वाहन हैं। इन महिलाओं की सूची क्षेत्रीय परिवहन विभाग को जांच के लिए भेजी गई है।
नियमित नहीं मिल रहे रुपये
वोट के बदले दिया गया आश्वासन अब हवा में गायब होता दिख रहा है। 2,100 रुपये तो दूर, 1,500 रुपये भी नियमित नहीं मिल रहे। ऊपर से नए नए नियम लगाकर हमें अपात्र घोषित किया जा रहा है। भारती धुलेकर, राजापेठ, अमरावती
राशि बढ़ने का इंतजार
बढ़ती महंगाई में 1,500 रुपये बहुत कम हैं। हमने उम्मीद की थी कि राशि बढ़ने से कुछ बचत हो पाएगी, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
अश्विनी हटकर, रविनगर, अमरावती
