Amravati News: अमरावती में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, लापरवाही पर ग्राम पंचायत अधिकारी तत्काल निलंबित

Open Pit Accident: अमरावती के चिखलदरा तहसील के कोरड़ा गांव में खुले गड्ढे में गिरकर डेढ़ साल की मासूम की मौत के मामले में जिला परिषद प्रशासन ने ग्राम पंचायत अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया।
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कोरड़ा हादसा- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Amravati Korada Incident: अमरावती जिले के चिखलदरा तहसील के कोरड़ा गांव में खुले गड्ढे में गिरकर डेढ़ साल की मासूम नायरा संजू भुसूम की दर्दनाक मौत के मामले में जिला परिषद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी विनायक मालसिंग धुर्वे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रारंभिक जांच में कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही और सरकारी निर्देशों की अनदेखी सामने आने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्यम गांधी के निर्देश पर चिखलदरा पंचायत समिति के समूह विकास अधिकारी ने 31 जुलाई को निलंबन का आदेश जारी किया।

उल्लेखनीय है कि 29 जुलाई को कोरड़ा ग्राम पंचायत के हनुमान ढाणा क्षेत्र में पेयजल संकट से निपटने के लिए खोदे गए एक खुले गड्ढे में गिरने से एक वर्ष आठ माह की मासूम नायरा की मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे जिले में आक्रोश फैल गया था। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की लापरवाही को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया, जबकि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।सरकारी निर्देशों की अनदेखी जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत अधिकारी ने गांव में मौजूद खतरनाक गड्ढों को भरने या उन्हें सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया मानसून पूर्व सुरक्षा, पेयजल व्यवस्था और संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर जारी शासन के निर्देशों का भी पालन नहीं किया गया।

डेढ़ साल की बच्ची की मौत मामले में प्रशासन सख्त

इतना ही नहीं, जांच के दौरान अधिकारी अपने मुख्यालय पर अनुपस्थित पाए गए और नोटिस जारी होने के बावजूद उनका मोबाइल फोन लगातार बंद मिला।अहम दस्तावेज भी मिले गायबप्रभार हस्तांतरण के दौरान ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड की जांच में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं ग्राम पंचायत के नमूना क्रमांक 1 से 33 तक सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज गायब पाए गए, इसे प्रशासन ने गंभीर सेवाकदाचार मानते हुए महाराष्ट्र जिला परिषद सेवा नियम, 1964 के तहत विनायक मालसिंग धुर्वे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

ग्राम पंचायत अधिकारी पर कार्रवाई

घटना के बाद भाजपा के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक प्रभुदास भिलावेकर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की थी। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. सुनील देशमुख ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर सदोष मानव वध का मामला दर्ज करने की मांग उठाई थी। इस कार्रवाई को प्रशासन द्वारा हादसे के बाद की गई अब तक की सबसे बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई माना जा रहा है।

हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी लापरवाही के लिए जिम्मेदार सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जानी चाहिए।

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