घर-घर नल योजना बनी जानलेवा! अमरावती में गड्ढे में डूबकर 3 साल की बच्ची की मौत

Jal Jeevan Mission: अमरावती के चिखलदरा तहसील के कोरड़ा गांव में नल योजना के लिए खोदे गए खुले गड्ढे में डूबने से 3 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
'Tap-to-Home' scheme turns fatal! 3-year-old girl drowns in a pit in Amravati.
अमरावती, जल जीवन मिशन,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Updated on

Amravati Child Drowns Water Pit: अमरावती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी घर-घर नल योजना अंतर्गत खोदे गए गड्ढे को वैसे छोड़ देने के चलते चिखलदरा तहसील के दुर्गम भाग कोरड़ा गांव में एक 3 वर्षीय बालिका की डूबने से मौत हो गई।

इसके चलते पूरे गांव में शोकाकुल माहौल है। कुछ रोज पूर्व ही आदिवासी क्षेत्र मेलघाट के धारणी समीप एक गांव की आश्रमशाला में बासी भोजन के कारण करीब 100 बच्चों को विषबाधा हो गई थी। इस आदिवासी क्षेत्र में आए दिन कुछ न कुछ दुर्घटना होती रहती है। इसके बावजूद शासन तथा प्रशासन गंभीर नहीं। जिससे नागरिकों में भारी रोष व्यक्त किया जा रहा है।

खेलते समय गड्ढे में गिरी

उल्लेखनीय है कि चिखलदरा से काटकुंभ चुरणी सर्कल में ग्राम पंचायत बंडोरा के ग्राम कोरड़ा में जिला परिषद की घर-घर योजना के तहत नल कनेक्शन के लिए गड्ढे खोदे गए थे। लेकिन काम होने के पश्चात ठेकेदार ने गड्ढों को उसी स्थिति में छोड़ दिया।

उन्हें बंद नहीं किया गया। ये गड्ढे करीब 6 फुट गहरे हैं। ऐसे गड्ढे गांव में अन्य जगहों पर भी इसी स्थिति में हैं। सतत वर्षा के चलते इन गड्डों में हरदम पानी भरा रहता है। इनमें से एक गड्ढे के सामने संजू भूसूम का मकान है।

उनकी तीन वर्ष की मासूम बच्ची नायरा खेलते समय इस पानी के गड्ढे में जा गिरी, इसकी जानकारी किसी को नहीं लगी। कुछ देर पश्चात बच्ची नहीं दिखने पर उसे ढूंढ़ने का प्रयास किया गया। जांच करने पर वह बच्ची गड्ढे में पाई गई। तब तक उसकी जान जा चुकी थी। इस वारदात की जानकारी गांव में फैलते ही नागरिकों ने दुख के साथ रोष व्यक्त किया।

ग्रामसभा में हुई थी चर्चा

विशेष घर-घर नल योजना के तहत गांव में अन्य गड्डों के चलते कोई दुर्घटना न हो, इसके लिए ग्रामसभा में इस पर चर्चा भी हुई थी। लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के चलते आज एक 3 वर्ष की बच्ची को अपनी जान गंवानी पड़ी।

कई स्थानों पर गहरे गड्ढे अब भी खुले

उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी की इस योजना के चलते पूरे सर्कल में कई गहरे गड्ढे खोदे गए हैं, जिन्हें अभी भी मिट्टी डालकर बंद नहीं किया गया है। जिसके कारण इस परिसर में और भी घटनाएं होने की आशंका ग्रामवासियों द्वारा जताई जा रही है। इन गड्डों को भरने की मांग भी नागरिकों द्वारा की जा रही है। लेकिन प्रशासन की नींद अभी भी नहीं खुलने से नागरिकों में नाराजगी दिखाई दे रही है।

संबंधित ठेकेदार ने छोड़ा आधा-अधूरा काम

विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को पीने के लिए शुद्ध जल उपलब्ध हो सके, इस उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में पीएम मोदी की जल जीवन मिशन योजना शुरू की गई है।

इस योजना में जिला परिषद के संबंधित विभाग ने योजना पूरी होने की रिपोर्ट राज्य तथा केंद्र सरकार को भेज दी है। जबकि वस्तुस्थिति आज सबके सामने है।

इस कार्य में ठेकेदार द्वारा आधा-अधूरा काम छोड़ दिया गया है। इस लापरवाही का भुगतान नागरिकों को उठाना पड़ रहा है। इस पूरी घटना की उच्च्त्व स्तरीय जांच कराने की मांग ग्रामवासियों द्वारा की जा रही है।

Navbharat Live
navbharatlive.com