Amravati News: जल जीवन मिशन में लापरवाही का आरोप, अमरावती जिला परिषद पर उठे सवाल

Amravati Jal Jeevan Mission: अमरावती में जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को पूरा दिखाकर केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजे जाने का आरोप लगा है। नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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अमरावती जल जीवन मिशन- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Amravati Jal Jeevan Mission: हर जिले के विशेष कर ग्रामीण क्षेत्र में घर-घर शुद्ध जल पहुंचे, इस उद्देश्य से पंतप्रधान नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण जल जीवन मिशन योजना का अधिकारियों की लापरवाही के चलते बंटाधार हो गया है। नागरिकों को इसका कोई फायदा नहीं हो रहा है। केंद्र सरकार ने जिस उद्देश्य से यह योजना शुरू की थी, वह सिर्फ कागज पर ही सिमटकर रह गई है। यह योजना कहीं पूरी तो कहीं अधूरी अटकी पड़ी है। विशेष जिला परिषद के संबंधित प्रशासन ने इस योजना को केंद्र सरकार को पूरी होने की जानकारी देकर बंद करने का अहवाल भेज दिया है।

इस पूरे प्रकरण की जांच कर संबंधित दोषी व्यक्तियों की जांच करने का आव्हान नागरिकों ने किया है। निजी एजेन्सी के माध्यम से योजना का संचालन जानकारी के अनुसार जिला परिषद अंतर्गत केंद्र तथा राज्य सरकार की संयुक्त जल जीवन मिशन योजना शुरू की थीं। इसमें तालाब सह घर-घर नल योजना को मिलाकर करीब 500 कार्य आरंभ किए गए थे। यह करीब 50 करोड़ की योजना है। प्रधानमंत्री द्वारा पूरे देश में यह योजना नागरिकों को शुद्ध जल मिले, इसके लिए इसकी शुरुआत की गई थी। लेकिन यह काम जिला परिषद के दुय्यम दर्जे के अधिकारियों के देखरेख में हुआ।

मेलघाट को सर्वाधिक आवश्यकता

इस जल जीवन मिशन योजना की सबसे ज्यादा आवश्यकता आदिवासी क्षेत्र मेलघाट में है। गत रोज ही मेलघाट की एक शाला के करीच सबसे अधिक बच्चो को फूड प्वाइजनिंग हो गया। इनका अस्पताल में उपचार जारी है। यहां वर्षा के दिनों में गांव का संपर्क टूट जाता है। ऐसे समय में उन्हें नदी नालों का गंदा पानी पीने के लिए विवश होना पड़ता है।

अधिकारियों ने योजना पूर्ण होने का अहवाल भेज दिया

इस योजना का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इन सारे कार्यों के लिए ठेकेदारों को काम आवंटित कर दिया गया। इसमें से अनेक काम पूरे हो चुके हैं और कुछ काम अधूरे है।

फिर भी जिला परिषद के संबंधित विभाग ने केंद्र सरकार को यह योजना पूरी होने का अहवाल भेज दिया है। जबकि वस्तु स्थिति यह है कि इसमें अनेक काम आधे अधूरे हैं तथा इन कामों का पेमेंट भी नहीं हुआ है। लोगों की मांग है कि जिला प्रशासन ने पूरी जांच कर लापरवाही करने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करना चाहिए।

फिर से लिस्टिंग करें

जिला परिषद मुख्य कार्यपालन अधिकारी सत्यम गांधी ने कहा कि इस योजना अंतर्गत जो काम पूरे हो चुके हैं, उनके पेमेंट यदि नहीं भी हुए हैं तो भी फिर से लिस्टिंग कर उनका समावेश किया जा सकता है, और उन्हें पेमेंट दिया जाएगा, उन्होंने इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी लेने की बात भी कहीं।

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