

Morshi Farmers Protest:अमरावती जिले के मोशीं तहसील में कथित रूप से 'बूस्टर' कंपनी के 'हुतूतू' सोयाबीन बीज के अंकुरित नहीं होने से किसानों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के जिलाध्यक्ष अमित अढाऊ के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने तहसील कार्यालय के सामने बीज कंपनी के बोरों की होली जलाकर जोरदार प्रदर्शन किया और कंपनी, बीज विक्रेताओं तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
अमित अढाऊ ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि प्रारंभिक जांच में संबंधित कंपनी का बीज अधिनियम के तहत पंजीकरण नहीं होने तथा पैकेट पर भ्रामक जानकारी और कथित फर्जी लेबल लगाकर किसानों को गुमराह किए जाने के तथ्य सामने आए हैं।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ बीज अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता/भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं (धोखाधड़ी एवं जालसाजी) के तहत मामला दर्ज करने की मांग की। आंदोलन में गजानन चौधरी, रविंद्र बुरंगे, प्रमोद कुचे, मंगेश बुरंगे, प्रशांत राऊत, राजेश चौधरी, संतोष बुरंगे, मोतीलाल वानखड़े, रत्नदीप लुंगे, किसन सोलव, प्रफुल्ल उमरकर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजद थे।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने 'जय जवान-जय किसान', 'किसानों से धोखा करने वाली बूस्टर कंपनी मुर्दाबाद' और 'भीख नहीं, हक का मुआवजा चाहिए' जैसे गगनभेदी नारे लगाए। कुछ देर के लिए तहसील कार्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। प्रदर्शन के बाद किसान सीधे कृषि अधिकारी कार्यालय पहुंचे और तहसील कृषि अधिकारी का घेराव किया।
किसानों का आरोप है कि मोर्शी तहसील में बड़ी संख्या में किसानों ने 'हुतूतू बूस्टर' कंपनी का सोयाबीन बीज खरीदकर बुवाई की थी। लेकिन अंकुरण केवल 5 से 10 प्रतिशत ही हुआ। इससे सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ और किसानों पर दोबारा बुवाई का संकट खड़ा हो गया। महंगे बीज, उर्वरक और अनिश्चित मानसून के बीच हुए इस नुकसान ने किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब कर दी है।