

Amravati Heavy Rain: अमरावती जिले में 30 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाह मचा दी थी। जिला प्रशासन द्वारा जारी प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार जिले में औसतन 75.8 मिमी बारिश दर्ज की। इस तूफानी बारिश के कारण जिले के 40 राजस्व मंडलों में अतिवृष्टि दर्ज हुई जबकि 21 मंडलों में 100 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश और बाढ़ के कारण एक युवक बह गया, जबकि सैकड़ परिवार विस्थापित हुए हैं।
इस बारिश से जिले के 419 गांवों में किसानों की फसलों क व्यापक नुकसान हुआ है. प्राथमिक अंदाज के अनुसार 57,689.89 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें पूरी तरह से प्रभावित या बर्बाद हुड हैं। जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पंचनामा और राहत-बचाव कार्य में जुट गई हैं। नुकसान क अंतिम सर्वेक्षण पूरा होने के बाद प्रभावितों को शासकीय सहायता प्रदान की जाएगी।
जिले भर में बारिश के कारण कुल 1,092 मकानों को नुकसान पहुंचा है। नांदगांव खंडेश्वर में तहसील के 52 गांवों में 799 मकान आंशिक रूप से तथा 159 मकान पूरी तरह से ढह गए। भातकुली तहसील में 40 मकान आंशिक, 2 पूर्णतः क्षतिग्रस्त, चांदूर रेलवे में 29 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, धामणगांव रेलवे में 18 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, धारणी में 16 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। इसके अलावा अचलपुर (7), दर्यापुर (2), मोर्शी (2), वरुड़ (2), अंजनगाव सुर्जी (1) और चिखलदरा (1) में भी मकानों को नुकसान पहुंचा है।
नांदगांव खंडेश्वर तहसील में बाढ़ के पानी के तेज बहाव में बह जाने से एक 28 वषीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान शेख शोएब शेख अख्तर (28, हैदरपुरा, अमरावती) के रूप में हुई है। बाढ़ और बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित नांदगांव खंडेश्वर तहसील हुई है। यहां पानी भरने और खतरे को देखते हुए प्रशासन ने 65 परिवारों के 289 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया था।
बारिश और बाढ़ की चपेट में आने से मवेशियों का भी बड़ा नुकसान हुआ है। नांदगांव खंडेश्वर में 1155 मुर्गियां, 93 बकरियां तथा 35 मवेशी काल के गाल में समा गए। ऐसे कुल 1283 पशुधन की हानि हुई है। मोर्शी में 1 बैल की मौत दर्ज की गई।
नांदगांव खंडेश्वरः 101 गांवों में 31,151 हेक्टेयर (सोयाबीन, कपास, तुअर)।
मोर्शी: 85 गांवों में 19,506 हेक्टेयर (कपास, तुअर, सोयाबीन, मक्का)।
भातकुलीः 115 गांवों में
4,521 हेक्टेयर (सोयाबीन, कपास, तुअर)।
धामणगांव रेलवेः 75 गांवों में 2,138.09 हेक्टेयर (सोयाबीन, कपास, तुअर)।
चांदूर रेलवेः 5 गांवों में 234 हेक्टेयर कपास)।
धारणीः 35 गांवों में 135.40 हेक्टेयर (मक्का, कपास, तुअर, धान, ज्वार)।
चिखलदरा 3 हेक्टेयर (मक्का, सोयाबीन)
अंजनगाव सुर्जी: 1.40 हेक्टेयर (कपास)