भीषण गर्मी से अमरावती में उष्माघात के मरीज बढ़े, 46 डिग्री के पार पहुंचा तापमान, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Amravati Heatstroke Cases: अमरावती जिले में भीषण गर्मी और लू के कारण उष्माघात के 21 संदिग्ध मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को दोपहर में धूप से बचने और तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी है।
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Heatstroke (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
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Rising Temperature Amravati: बढ़ते तापमान के मद्देनजर जिले में उष्माघात के संदिग्ध मरीजों की संख्या में वृद्धि होने की जानकारी जिला सामान्य अस्पताल प्रशासन ने दी है। जिले में अब तक संदिग्ध उष्माघात के कुल 21 मरीज पाए गए हैं, जिनमें से 20 मरीज इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। उन्हें आवश्यक उपचार देकर अस्पताल से छुट्टी दी गई है। वर्तमान में जिला सामान्य अस्पताल में एक मरीज का उपचार चल रहा है।

जिले में पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और दोपहर के समय गर्मी की तीव्रता अधिक महसूस की जा रही है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। पिछले कुछ दिनों से अमरावती में तापमान 45 डिग्री से 46।4 डिग्री तक दर्ज किया गया है।

भीषण गर्मी से अमरावती में उष्माघात के मरीज बढ़े

विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और मैदान में काम करने वाले लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचने के लिए कहा गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उष्माघात से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीना, हल्के और ढीले कपड़े पहनना, सिर पर टोपी या स्कार्फ रखना तथा शरीर में पानी की कमी न होने देना आवश्यक है। लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती होने की अपील की गई है।अप्रैल महीने से ही सूरज की तपिश बढ़ गई थी और अब मई महीना भी समाप्त होने की ओर है।

लू के बढ़ते प्रकोप से स्वास्थ्य विभाग सतर्क

जिले में तीव्र लू चल रही है, जिसके कारण एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग ने तालुका स्तर पर उष्माघात कक्ष स्थापित किए हैं। तापमान में वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्क रहने को कहा है। अप्रैल महीने में रिकॉर्ड 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर अधिकतम तापमान दर्ज किया गया था। शुरुआत में एक भी मरीज नहीं था, लेकिन मई महीने में तापमान और बढ़ने से मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई।

पीड़ितों में अधिकांश लावारिस और बेघर

उष्माघात के लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में अधिकांश संख्या लावारिस और बेघर लोगों की है।

तालुका स्तर पर बनाए गए उष्माघात कक्ष

अमरावती जिला सिविल सर्जन विनोद पवार ने कहा कि तापमान अभी भी अधिक और तीव्र होने के कारण सभी के लिए धूप से सुरक्षित रहना अनिवार्य है। लक्षण दिखने पर डॉक्टरों से मार्गदर्शन और उपचार लेना आवश्यक है

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक गर्मी की तीव्रता बनी रहने की संभावना है और लू की चेतावनी दी गई है। इसलिए नागरिक आवश्यक सावधानी बरतकर स्वयं और अपने परिवार के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखें। चक्कर आना, जी मिचलाना, बहुत अधिक पसीना आना या पसीना आना बंद हो जाना उष्माघात के लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर अस्पताल में इलाज कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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