Amravati Health Department: विदर्भ में बढ़ते तापमान और लू के खतरों को देखते हुए अमरावती जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद है। जिले के विभिन्न अस्पतालों में उष्माघात के मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनाए हैं। जिला शल्य चिकित्सक डॉ. विनोद पवार के अनुसार जिले में कुल 59 विशेष उष्माघात कक्ष कार्यान्वित किए गए हैं, जहां मरीजों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
अब तक स्थिति नियंत्रण मेंप्रशासन के लिए संतोषजनक बात यह है कि जिले में अब तक उष्माघात के कारण किसी भी व्यक्ति की मृत्यु दर्ज नहीं हुई है। पिछले दिनों जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा था, तब कुछ मरीजों में मामूली लक्षण देखे गए थे। इन सभी का इन विशेष कक्षों में तत्काल उपचार किया गया और वे पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं।
इर्विन अस्पताल में विशेष व्यवस्थाजिला सामान्य अस्पताल इर्विन में उष्माघात के मरीजों के लिए वार्ड नंबर 6 को आरक्षित रखा गया है। इसके अलावा वार्ड नंबर 1, 2 और 4 में भी विशेष बेड की व्यवस्था है। प्रत्येक वार्ड में कूलर और एसी लगाए गए हैं ताकि मरीजों को ठंडे वातावरण में रखा जा सके। डॉक्टर और नर्सों की टीम 24 घंटे तैनात है। अस्पताल में जीवन रक्षक दवाइयों और ओआरएस ORS का पर्याप्त स्टॉक है। मरीजों को बाहर से कोई भी दवा खरीदने की आवश्यकता नहीं है।
उष्माघात लू को पहचानें और बचेंजब शरीर का तापमान अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगता है, तो उसे उष्माघात कहते हैं। इसके सिरदर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना और उल्टियाँ होना। तेज बुखार के साथ त्वचा का सूखा पड़ना, अत्यधिक थकान, भूख न लगना और चिड़चिड़ापन, मांसपेशियों में ऐंठन, रक्तचाप बढ़ना और बेहोशी आना मुख्य कारण है।
पाइंटरपानी की कमी से होता उष्माघातउष्माघात कड़ी धूप में खेतों या कारखानों बॉयलर रूम में लंबे समय तक काम करना, गर्म कमरों में रहना या बहुत तंग कपड़े पहनना, शरीर में पानी की कमी होने के कारण होता है।
हर घंटे कम से कम 1 से 1.5 गिलास पानी पिएं। नींबू पानी, ताजे फलों का रस, आम पन्ना, कोकम शरबत, छाछ और लस्सी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें, हल्के रंग के कपड़े पहनें।
कोटजिला सामान्य अस्पताल समेत पूरे जिले में उष्माघात कक्ष शुरू कर दिए गए हैं। अब तक केवल मामूली लक्षणों वाले मरीज ही पाए गए हैं, जिन्हें उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। हमारी टीम किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
डॉ. विनोद पवार जिला शल्य चिकित्सक, अमरावती