अमरावती में मातम: घातखेड़ा तालाब में डूबे 4 मासूमों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार, एक साथ उठीं चार अर्थियां

Amravati News: अमरावती के घातखेड़ा तालाब में डूबे चार बच्चों का सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया। महाजनपुरा में एक साथ चार अर्थियां उठने से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और चूल्हे नहीं जले
The funeral of four minors who drowned in Amravati's Ghatkheda lake was held amid heavy hearts. The entire Mahajanpura locality mourned the loss as four biers were taken out together.
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: नवभारत)
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Amravati Lake Drowning: स्थानीय महाजनपुरा क्षेत्र में सोमवार का दिन बेहद गमगीन रहा। रविवार को घातखेडा तालाब में डूबने से जान गंवाने वाले चार मासूमों का अंतिम संस्कार नम आंखों और भारी माहौल के बीच किया गया। एक साथ चार अर्थियां उठने का दृश्य देखकर पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों में सोनाली नरेंद्र जोशी (16), आदित्य नरेंद्र जोशी (12), यश गजानन काकणे (13) और पायल बबलू पंडित (21) शामिल हैं। हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। वही इस घटना के चलते परिसर के कई घरों में चूल्हे भी नहीं जले थे।

महाजनपुरा से लेकर हिंदू श्मशान भूमि तक मृतक बच्चों के अंतिम दर्शन व यात्रा में सैकड़ों लोगों की भीड़ भी उमड़ पड़ी थी। क्षेत्र में हर ओर करुण कृदन सुनाई पड़ रहा था। घटना की सूचना मिलते ही मनपा की दमकल टीम और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम मौके पर पहुंची और काफी प्रयासों के बाद चारों शवों को बाहर निकाला गया। सोमवार की सुबह सभी का पोस्टमार्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस बीच रविवार को देर रात तक मर्चुरी के सामने परिजनों

व परिचितों का आना जाना रहा। पूरे अमरावती शहर में यह खबर फैलते ही हर ओर गम का माहौल दिखाई दिया। सभी परिजन इस घटना को लेकर अपने बच्चों को जरूरी हिदायत देते नजर आए। हर किसी की जुबान पर इस घटना की चर्चा थी। वही महाजनपुरा व जिले भर में चार मासूम जिंदगियों के यूं अचानक चले जाने शोक और संवेदना का माहौल है।

पिकनिक मनाने गए थे घातखेड़ा तालाब

जानकारी के अनुसार, रविवार को महाजनपुरा क्षेत्र के नौ लोग पिकनिक मनाने के लिए मार्डी रोड स्थित घातखेड़ा तालाब गए थे। सोनाली और आदित्य के पिता ऑटो चालक है। बच्चों की इच्छा पूरी करने के लिए वे सभी को तालाब परिसर तक छोड़कर गए थे और शाम को वापस लेने आने वाले थे। दोपहर में भोजन करने के बाद बच्चे तालाब में उतरे, जबकि पायल किनारे पर बैठी थी। तभी अचानक सोनाली, आदित्य और यश की चीखें सुनाई दीं। उन्हें बचाने के लिए पायल बिना अपनी परवाह किए पानी - में कूद गई, लेकिन तालाब का पानी गहरा होने के कारण चारों डूब गए।

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