

First Woman Drone Pilot Amravati: ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर आधुनिक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से कृषि विकास एवं ग्रामीण प्रशिक्षण संस्था तथा म्युनिकरी के संयुक्त प्रयास से संचालित ड्रोन दीदी परियोजना अमरावती जिले में सफल साबित हो रही है।
इस पहल से जिले की पहली महिला ड्रोन पायलट कल्पना विनोद वानखड़े को नया संबल मिला है और उनका ड्रोन सेवा व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ रहा है। समर्थ महिला समूह की सदस्य कल्पना वानखड़े को अतिरिक्त बैटरी, वाहन, स्पेयर पार्ट्स, सर्विस सेंटर और तकनीकी जानकारी के अभाव जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
इसे देखते हुए संस्था ने उन्हें तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया। साथ ही अतिरिक्त बैटरी, स्पेयर पार्ट्स, आवश्यक उपकरण और ड्रोन परिवहन के लिए वाहन उपलब्ध कराया गया। भविष्य में उनके व्यवसाय के विपणन में भी सहयोग किया जाएगा। परियोजना के तहत शिरजगांव कसबा में ड्रोन स्प्रे का प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्यम गांधी ने निरीक्षण कर ड्रोन पायलट कल्पना वानखड़े से संवाद किया। कार्यक्रम में डॉ. निलेश वानखड़े, लक्ष्मीकांत पडघन, किशोर रामगडे, प्रवीण खेरडे, सागर वासनकर, सुभाष तांबे, शिल्पा राठोड, सुरेश रेखाते सहित बड़ी संख्या में किसान, शिक्षक और ग्रामसखी उपस्थित थे।
प्रदर्शन में किसानों को ड्रोन तकनीक से कम लागत, समय की बचत और सटीक फसल छिड़काव के लाभों की जानकारी दी गई, जिसे किसानों ने उत्साहपूर्वक सराहा। फोटो ड्रोन दीदी ड्रोन दीदी को मिला नया संबलअमरावती की पहली महिला ड्रोन पायलट कल्पना विनोद वानखड़े को प्रशिक्षण, अतिरिक्त बैटरी, स्पेयर पार्ट्स, वाहन और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया। इससे उनके ड्रोन सेवा व्यवसाय को नई गति मिली है।
शिरजगांव कसबा में आयोजित ड्रोन स्प्रे प्रदर्शन में किसानों को आधुनिक खेती में ड्रोन के उपयोग, कम खर्च, समय की बचत और बेहतर उत्पादन की जानकारी दी गई। किसानों ने भविष्य में ड्रोन तकनीक अपनाने की इच्छा जताई।