

Amravati Firing Case: अमरावती शहर के गाडगे नगर थाना क्षेत्र के अर्जुन नगर में हुए सनसनीखेज फायरिंग मामले का अमरावती शहर क्राइम ब्रांच ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस जांच में एक हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है कि मकान मालिक निलंबित पटवारी विपुल ठाकरे ने ही खुद के घर पर फायरिंग करने का नाटक रचा था। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता फरार है जिसकी तलाश जारी है। 9 अगस्त 2026 को डायल 112 पर सूचना मिली कि अर्जुन नगर निवासी विपुल ठाकरे के घर पर दो बुरकाधारी अज्ञात बदमाशों ने देसी कट्टे से फायरिंग की है।
सूचना मिलते ही गाडगे नगर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए गाडगे नगर थाने में विभिन्न धाराओं और आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस आयुक्त राकेश ओला के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की 6 विशेष टीमें गठित की गई। पुलिस निरीक्षक दिनेश दहातोंडे और अतुल वर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 100 से भी अधिक स्थानों के CCTV फुटेज खंगाले और तकनीकी विश्लेषण व गुप्तचरों की मदद से आरोपियों का सुराग लगाया। पुलिस ने नागपुर हाईवे और वडाली इलाके से दो संदिग्धों बादशाहसिंग टांक और अजय भोसले को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
जांच में सामने आया कि विपुल भानुदास ठाकरे ने ही खुद के घर पर फायरिंग करवाने के लिए बादशाहसिंग टांक को 1,50,000 देने का सौदा किया था। इसमें से 10,000 की अग्रिम राशि चंद्रसिंग उर्फ शेरू सिंग के माध्यम से शूटरों तक पहुंचाई गई थी। विपुल ठाकरे ने खुद पर हमले की झूठी कहानी क्यों गढ़ी, इसका वास्तविक कारण उसके पकड़े जाने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। यह जानकारी पुलिस ने दी है। गिरफ्तार आरोपी में बादशाहसिंग अजाबसिंग टांक (42, सिकलकरी पुरा वडाली, अमरावती), अजय नुरजेम भोसले (31, राजुरा, अमरावती), राजासिंग अजाबसिंग टांक 32। सिकलकरी पुरा वडाली। अमरावती), चंद्रसिंग उर्फ शेरू सिंग जोधसिंग शाकला (30, फलौदी, राजस्थान, हाल मुकाम - अर्जुन नगर, अमरावती) का समावेश है।
फरार आरोपी विपुल भानुदास ठाकरे (अर्जुन नगर, अमरावती) की पुलिस तलाश कर रही है। उक्त कार्रवाई पुलिस आयुक्त राकेश ओला, उपायुक्त यशवंत सोलंके, उपायुक्त श्याम घुगे और उपायुक्त प्रांजलि सोनवणे के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच के पुलिस निरीक्षक दिनेश दहातोंडे, पीआई अतुल वर के नेतृत्व में की गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।