Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

अमरावती में किसानों की आत्महत्या का संकट गहराता, तीन महीनों में 42 मामले

Amravati Farmer News: अमरावती में चालू वर्ष के पहले 3 महीनों में 42 किसानों ने दम तोड़ा। 2001 से अब तक 5,603 आत्महत्याएं दर्ज हुई हैं, लेकिन सरकारी मापदंडों के कारण कई परिवार सहायता से वंचित हैं।

  • Author By Anuj Sahu | published By रूपम सिंह |
Updated On: Apr 09, 2026 | 04:00 PM
Follow Us
Close
Follow Us:

Amravati Agriculture Crisis News: अमरावती किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं, पैकेज और राहत योजनाएं लागू की गई हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याएं कम होती नजर नहीं आ रही हैं।

लगातार फसल खराब होना, कर्ज का बोझ और आर्थिक तंगी के कारण जिले में किसान आत्महत्याओं का सिलसिला अब भी जारी है। जिले में हर साल लगभग 200 से 300 किसान आत्महत्या करते हैं, जो एक चिंताजनक स्थिति है। चालू वर्ष के पहले तीन महीनों में ही 42 किसानों ने आत्महत्या कर ली है। पिछले वर्ष जनवरी से मार्च के दौरान 33 किसानों ने आत्महत्या की थी।

इस वर्ष इसके मुकाबले 9 मामलों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो सरकारी आंकड़ों से स्पष्ट है। खेती की बढ़ती लागत राज्य में किसी भी राजनीतिक दल की सरकार हो, लेकिन किसान आत्महत्या के मुद्दे पर शासन और प्रशासन अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहा है, ऐसी आलोचना हो रही है।

सम्बंधित ख़बरें

भंडारा में बावनथड़ी बांध में केवल 39% जल भंडार शेष, नहरें जर्जर होने से पानी की बर्बादी; गहरा सकता है जल संकट

पुणे में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर डॉक्टर से 12.31 करोड़ की ठगी; मुनाफा निकालने पर संपत्ति जब्ती की धमकी

ट्रायल रूम में कपड़ा बदल रही थी महिला, हिडेन कैमरा रिकॉर्ड कर रहा था वीडियो, पुणे में दुकानदार गिरफ्तार

Share Market में उतरने की तैयारी में Mahavitaran कंपनी, बिजली बिल बढ़ेगा या सुधरेगी सर्विस? जानें पूरा प्लान

केवल कर्ज ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक आपदाएं, फसल नुकसान, खेती की बढ़ती लागत और आय में अनिश्चितता भी किसानों को यह कदम उठाने पर मजबूर कर रही है। योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ पहले महाडीबीटी प्रणाली के कारण कई जरूरतमंद किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल सका, ऐसी शिकायतें भी सामने आई हैं।

साथ ही, आत्महत्या प्रभावित जिलों के लिए शुरू की गई कुछ योजनाएं अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकीं। किसान मिशन जैसे उपक्रम भी संकटग्रस्त किसानों को पर्याप्त सहारा नहीं दे पाए हैं। जिले में जनवरी में 14, फरवरी में 13 और मार्च में 15 किसानों ने आत्महत्या की है।

इन 42 मामलों में से केवल 4 मामलों को पात्र घोषित किया गया है, जबकि 2 मामले अपात्र ठहराए गए हैं। शेष 36 मामले जांच के लिए लंबित हैं। इनमें से 5 मामले संबंधित कार्यालय में प्राप्त हुए हैं, जबकि बाकी मामलों को शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश तहसीलदारों को दिए गए हैं, ऐसा जिला प्रशासन ने बताया।

सहायता राशि में बढ़ोतरी नहीं किसान आत्महत्या के बाद उनके परिवार को राज्य सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। हालांकि, कई वर्षों से इस राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। साथ ही, हर मामला सरकारी मापदंडों में फिट नहीं बैठने के कारण कई परिवारों को सहायता नहीं मिल पाती है।

जनवरी 2001 से 31 मार्च 2026 तक अमरावती जिले में कुल 5603 किसानों ने आत्महत्या की है। इनमें से 2972 मामले सरकारी सहायता के लिए पात्र पाए गए, जबकि 2586 मामले अपात्र ठहराए गए हैं। 45 मामले अभी भी जांच के लिए लंबित हैं। इस स्थिति में किसान परिवारों के सामने जीवन यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है और सरकार से इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की जा रही है।

चालू वर्ष के 3 महीनों की स्थिति माह आत्महत्याजनवरी 14 फरवरी 13 मार्च 15 कुल 42 अमरावती जिले की कुल स्थिति 2001 से 20265,603 आत्महत्या 2,972 पात्र मामले 2,586 अपात्र मामले 45 लंबित पिछले वर्ष किसान आत्महत्या की स्थिति माह कुल पात्र अपात्रजनवरी 9 6 3 फरवरी 10 6 4 मार्च 14 8 6 अप्रैल 18 9 9 मई 16 13 13 जून 18 9 9 जुलाई 16 9 7 अगस्त 18 13 4 सितंबर 14 6 8 अक्टूबर 15 8 6 नवंबर 15 9 4 दिसंबर 12 3 4 कुल 185 99 77

सरकार विफल साबित हुई जिले में रोज किसान आत्महत्या कर रहे हैं। लेकिन सरकार के मापदंडों के अनुसार कई आत्महत्याओं को सहायता के लिए अपात्र घोषित कर दिया जाता है। सरकार की उदासीन नीतियों के कारण ही आत्महत्याएं बढ़ रही हैं। कर्जमाफी की घोषणा तो की गई है, लेकिन उसके पूरी तरह लागू होने पर भी संदेह है। आत्महत्या रोकने में सरकार विफल रही है।

प्रवीण मोहोड, किसान, जिलाध्यक्ष स्वाभिमानी शेतकरी संगठन

Amravati farmer suicide report 2026 distress rising agriculture crisis

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 09, 2026 | 03:08 PM

Topics:  

  • Amravati News
  • Maharashtra News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.