

Amravati Crime News : राजापेठ थाना क्षेत्र में खुद को कामगार आयुक्त कार्यालय का वरिष्ठ अधिकारी और सरकारी वाहन बताकर एक कार चालक से मजदूरी व काम के पैसे न देकर धोखाधड़ी करने की घटना घटित हुई। पीड़ित चालक की शिकायत पर पुलिस ने एक महिला समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। शिकायतकर्ता चालक राजेश दत्तुजी जाधव 31, कल्याण नगर, अमरावती को 20 फरवरी को उसके दोस्त अमोल कुरवाडे ने बताया कि कामगार आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों को गाड़ी से दारव्हा ले जाना है।
राजेश ने दिए गए नंबर पर संपर्क किया, तो संतोष नाम के व्यक्ति ने उसे शाम 4।30 बजे तैयार रहने को कहा। तय समय पर जब राजेश कल्याण नगर चौक पर पहुंचा, तो वहां कार क्रमांक एमएच 27/ एवी 6558 आई। गाड़ी पर महाराष्ट्र शासन और बाल कामगार अधिकारी की फर्जी पट्टियां नेमप्लेट लगी हुई थीं, ताकि वह पूरी तरह सरकारी वाहन लगे। गाड़ी में संतोष कोलटके के साथ दो बुजुर्ग व्यक्ति और एक महिला सवार थे।ईंट भट्टों पर करवाया बाल मजदूरी का वीडियो शूटसफर के दौरान आरोपियों ने खुद को कामगार आयुक्त कार्यालय के बड़े अधिकारी बताया।
21 फरवरी को वे नेर के पास नवाजपुर इलाके में स्थित ईंट भट्ठों पर पहुंचे। वहां मुख्य आरोपी ने चालक राजेश से कहा कि अगर यहां कोई छोटे बच्चे काम करते हुए दिखाई दें, तो उनका वीडियो बनाओ। राजेश ने भट्ठों की चेकिंग करते हुए वहां का वीडियो शूट किया। इसके बाद वे खोलापुर गांव में डॉक्टर देशमुख के पास इलाज के लिए गए और फिर अमरावती लौट आए।
राजेश ने दो दिन की मजदूरी के 2000 और वीडियो शूटिंग के 5000 मांगे। इस पर आरोपी संतोष ने उसे हाथ में सिर्फ 1000 दिए और बाकी पैसे फोनपे पर भेजने की बात कही। जब राजेश ने बाद में फोन कर अपनी पूरी मजदूरी मांगी, तो आरोपियों ने पैसे देने से साफ मना कर दिया और उसके साथ गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
तब जाकर पीड़ित चालक को समझ आया कि यह पूरा गिरोह फर्जी अधिकारियों का है, जो सरकारी नाम का दुरुपयोग कर लोगों को ठग रहा है। राजेश जाधव की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी संतोष भीमराव कोलटेके जसापुर, भातकुली, अमरावती, एक महिला, भाऊसाहेब उर्फ किशोर किशनराव वाहाने 65, प्रशांत नगर, अमरावती व अजय प्रल्हादराव जांगले 55, प्रशांत नगर, अमरावती के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राजापेठ थाना पुलिस निरीक्षक पुनीत कुलट ने कहा कि उक्त मामले की शिकायत के बाद जांच की गई थी। जांच के बाद 24 मई को चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। फिलहाल जांच जारी है।