अमरावती: ई-राशन कार्ड की सुस्त रफ्तार, 3.77 लाख लाभार्थियों की ई-केवाईसी अब भी अधूरी

Amravati e-KYC Ration Card: अमरावती में 3.77 लाख राशन कार्डधारकों की ई-केवाईसी लंबित 'मिशन सुधार' के तहत फर्जी लाभार्थियों की छंटनी जारी, लेकिन तकनीकी बाधाओं से प्रक्रिया धीमी कर दी गई है।
Amravati: E-ration card rollout slows, e-KYC of 3.77 lakh beneficiaries still incomplete
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Aadhaar Mobile Linking Ration Card  Update News: महाराष्ट्र शासन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए कागजी राशन कार्ड की जगह 'ई-राशन कार्ड' (ई-शिधापत्रिका) लागू किया है। डिजिटल राशन कार्ड, ई-केवाईसी, आधार और मोबाइल लिंकिंग के माध्यम से फर्जी व अपात्र लाभार्थियों को हटाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि जिले में यह प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है। अब तक जिले में 1 लाख 17 हजार लाभार्थियों को ई-राशन कार्ड जारी किए गए हैं।

जिले में करीब 4 लाख 94 हजार राशन कार्डधारक हैं। इनमें से लगभग 3 लाख 77 हजार कार्डधारकों की ई-केवाईसी अभी तक पूर्ण नहीं हुई है। इससे बड़ी संख्या में लाभार्थियों के धान्य वितरण पर प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। परिवारों को मिलाकर जिले में कुल लाभार्थियों की संख्या 10 से 12 लाख के बीच बताई जाती है, लेकिन बड़ी संख्या में डिजिटल अपडेट अधूरे हैं। ई-राशन कार्ड के लिए मोबाइल नंबर और आधार लिंकिंग अनिवार्य है।

 लाभार्थियों की ई-केवाईसी अब भी अधूरी

अमरावती जिले में केवल 58 से 60 प्रतिशत राशन कार्डधारकों के मोबाइल नंबर लिंक हो पाए हैं। मोबाइल लिंकिंग से धान्य वितरण की जानकारी एसएमएस के जरिए मिलती है, लेकिन प्रक्रिया की रफ्तार धीमी है। राज्य स्तर पर ई-केवाईसी अभियान के तहत लाखों फर्जी राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है। 'मिशन सुधार' अभियान शासन ने 'मिशन सुधार' के तहत मृत, डुप्लीकेट और संदिग्ध लाभार्थियों के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। जिले को 39 हजार 759 संदिग्ध लाभार्थियों की सूची प्राप्त हुई है।

आपूर्ति निरीक्षक घर-घर जांच कर रहे हैं, जबकि अंतिम निर्णय का अधिकार तहसीलदारों को दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों ने आरोप लगाया है कि ई-केवाईसी और मोबाइल लिंकिंग के नाम पर अतिरिक्त शुल्क मांगा जा रहा है। समय पर प्रक्रिया नहीं की जा रही है तथा वृद्ध, दिव्यांग और आदिवासी लाभार्थियों को तकनीकी कारणों से वंचित रखा जा रहा है। विभाग से विशेष शिविर लगाने और सख्त जांच की मांग उठ रही है। इंटरनेट की कमी, बायोमेट्रिक मशीनों की खराबी, आधार अपडेट की दिक्कत और जागरूकता के अभाव में कई गरीब और वृद्ध लाभार्थी ई-राशन प्रक्रिया से बाहर रह गए हैं। ऐसे में व्यापक जनजागरण और तकनीकी सहायता की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

ई-राशन कार्ड के फायदे

  • फर्जी और अपात्र लाभार्थियों की पहचान
  • मृत एवं स्थानांतरित लाभार्थियों के नाम हटाना
  • अनाज वितरण में पारदर्शिता
  • सरकारी खर्च का सही लाभार्थियों तक पहुंचना

अपडेट की प्रक्रिया जारी

जिला आपूर्ति अधिकारी  नितिन लांडे  ने बताया की शासन से प्राप्त सूची के आधार पर जिले में ई-राशन कार्ड प्रक्रिया जारी है। करीब 58 से 60 प्रतिशत राशन कार्डधारकों के मोबाइल नंबर लिंक हो चुके हैं।

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