अमरावती कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में चौकीदार को 10 साल की कड़ी सजा
अमरावती के छात्रावास में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में चौकीदार को 10 वर्ष और अधीक्षिका को 6 माह की सजा सुनाई गई।
Amravati Court Verdict News: अमरावती में एक छात्रावास में नाबालिग छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश यशवंत आनंद गोस्वामी की अदालत ने मुख्य आरोपी चौकीदार गणेश विठ्ठलराव इंगोले को 10 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
वहीं, छात्रावास की अधीक्षिका को 6 माह की कारावास की सजा दी गई है। यह मामला 2012 का है, जब 15 वर्षीय छात्रा के साथ चौकीदार ने धमकाकर दुष्कर्म किया था।
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घटना की जानकारी अन्य छात्राओं के माध्यम से सामने आई और मामला गाडगेनगर पुलिस थाने में दर्ज किया गया।
जांच के बाद पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया और सुनवाई के दौरान पीड़िता, उसकी मां और अन्य गवाहों की गवाही से आरोप सिद्ध हुए।
अदालत ने आरोपी इंगोले पर जुर्माना भी लगाया और दोनों आरोपियों को मिलकर पीड़िता को 20 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।
इस मामले में सहायक सरकारी अभियोक्ता एड. पंकज इंगले और एड. सोनाली क्षीरसागर ने सरकार पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की।
