अमरावती विभाग स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का समापन, कृषि विभाग तथा PDKV का संयुक्त उपक्रम
महाराष्ट्र शासन के कृषि विभाग और डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में अमरावती विभाग स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया।
Amravati Division : महाराष्ट्र शासन के कृषि विभाग तथा डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में महाराष्ट्र प्राकृतिक खेती अभियान अंतर्गत अमरावती विभाग स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला दीक्षांत सभागृह, कृषि विद्यापीठ में उत्साहपूर्वक संपन्न हुई.
इस कार्यशाला में विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में सांसद अनुप धोत्रे और विधायक हरीश पिंपले उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता उप कुलपति डॉ. शरद गडाख ने की, जबकि उद्घाटन आत्मा व निविष्ठा गुणनियंत्रण के संचालक सुनील बोरकर ने किया. प्रमुख अतिथि के रूप में डॉ. धनराज उंदीरवाडे, संचालक विस्तार व प्रशिक्षण उपस्थित रहे.
कार्यशाला का प्रास्ताविक अमरावती विभागीय कृषि सहसंचालक गणेश घोरपडे ने प्रस्तुत किया. उन्होंने बदलते समय में प्राकृतिक खेती के महत्व और किसानों द्वारा इसे अपनाने की आवश्यकता पर विस्तार से मार्गदर्शन किया. उद्घाटक सुनील बोरकर ने किसानों से प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाने का आह्वान किया.
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अध्यक्षीय भाषण में उप कुलपति डॉ. शरद गडाख ने कृषि विद्यापीठ में प्राकृतिक खेती पद्धति से विकसित किए गए विभिन्न प्रक्षेत्रों की जानकारी दी और किसानों को इन प्रक्षेत्रों का अवलोकन करने का आग्रह किया.
कीट प्रबंधन पर दी विस्तृत जानकारी
तांत्रिक मार्गदर्शन सत्र में डॉ. धनराज उंदीरवाडे ने प्रमुख फसलों पर कीट एवं रोग प्रबंधन तथा क्रॉपसैप परियोजना पर विस्तृत जानकारी दी. इसके साथ ही डॉ. अनीता चोरे, डॉ. योगेश इंगले और डॉ. उमेश ठाकरे ने क्रमशः प्राकृतिक खेती की संकल्पना, कीटरोग प्रबंधन तथा खेत पर निविष्ठा निर्माण और उसके उपयोग पर मार्गदर्शन किया.
कृषि विद्यापीठ के कार्यकारी सदस्य शिवराम घोडके ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्राकृतिक खेती के स्वास्थ्यविषयक महत्व पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम में 2200 लोग उपस्थित रहे.
