अमरावती में गूंज रही इबादत की सदाएं, हजरत मिस्कीन शाह बाबा उर्स मुबारक का शुभारंभ
Amravati Dargah Moharram Celebrations: अमरावती के हजरत मिस्कीन शाह बाबा दरबार शरीफ में मोहर्रम के अवसर पर कुरआनख्वानी, मीलाद शरीफ, शाही चादर और कुल शरीफ जैसे धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं।
हजरत मिस्कीन शाह बाबा दरबार शरीफ (सोर्स: AI)
Amravati Dargah Hazrat Miskeen Shah Baba Urs Celebrations: शहर के चांदनी चौक, हाथीपुरा स्थित हजरत मिस्कीन शाह बाबा दरबार शरीफ में मोहर्रम माह के अवसर पर उर्स मुबारक का शुभारंभ श्रद्धा और आस्था के वातावरण में हो गया है। उर्स के दौरान दरबार शरीफ में विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल होकर अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं।
दरबार परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है और पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना हुआ है। उर्स मुबारक के अवसर पर दरबार में रोजाना इबादत, दुआ और फातेहा का सिलसिला जारी है। आयोजकों ने बताया कि इस पवित्र अवसर पर समाज में भाईचारा, शांति और मानवता का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।
परचम कुशाई और मीलाद शरीफ का आयोजन
दरबार के खादीम इमरान रहेबर ने जानकारी देते हुए बताया कि उर्स मुबारक की शुरुआत पहली मोहर्रम को कुरआनख्वानी और फातेहा के साथ की गई। इसी दिन नमाज-ए-असर के बाद परचम कुशाई की रस्म अदा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इसके बाद तीसरी मोहर्रम को नमाज-ए-इशा के बाद महफिल-ए-जिक्रुल्लाह का आयोजन किया गया, जहां अल्लाह की इबादत और जिक्र के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हुआ।
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चौथी मोहर्रम को नमाज-ए-इशा के बाद मीलाद शरीफ का आयोजन किया गया, जिसमें पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षाओं और उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया। धार्मिक विद्वानों ने प्रेम, सद्भाव और इंसानियत का संदेश देते हुए लोगों को नेक राह पर चलने की प्रेरणा दी।
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शाही चादर और कुल शरीफ के साथ होगा उर्स का समापन
उर्स मुबारक के अंतर्गत 5 मोहर्रम, रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक गुस्ल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। वहीं 6 मोहर्रम, सोमवार को नमाज-ए-असर के बाद शाही चादर पेश की जाएगी, जो उर्स का प्रमुख आकर्षण माना जाता है। उर्स का समापन 7 मोहर्रम, मंगलवार को नमाज-ए-मगरिब के बाद कुल शरीफ के आयोजन के साथ होगा।
दरबार एवं मस्जिद कमेटी ने सभी अकीदतमंदों से कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर दुआओं में शरीक होने की अपील की है। कमेटी ने यह भी बताया कि प्रत्येक माह उर्दू तारीख 5 को नमाज-ए-मगरिब के बाद दरबार शरीफ में छठी शरीफ की फातेहा का नियमित आयोजन किया जाता है, जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेते हैं।
