अमरावती में ट्रैफिक जाम की नई मुसीबत, 50 साल पुराना रेलवे ओवरब्रिज बंद

अमरावती शहर का रेलवे ओवरब्रिज पिछले 50 सालों से भी ज्यादा सेवा में है। फिलहाल इस पुल को यातायात के लिए बंद कर दिया है।  इस पुल के निर्माण कार्य में लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत आ सकती है।
अमरावती शहर का रेलवे ओवरब्रिज पिछले 50 सालों से भी ज्यादा सेवा में है। फिलहाल इस पुल को यातायात के लिए बंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस पुल के निर्माण कार्य में लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत आ सकती है।
अमरावती रेलवे ब्रिज (सौ. सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Amravati News In Hindi: शहर के प्रमुख और व्यस्ततम स्थानों पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज 50 वर्षों से भी अधिक समय से सेवारत हैं। लेकिन उक्त पुल उपयोग योग्य नहीं है, इसलिए लोक निर्माण विभाग द्वारा इसे 27 अगस्त, 2025 से पैदल यात्रियों और यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।

इस पुल के निर्माण पर 300 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद बलवंत वानखड़े को आश्वासन दिया कि केंद्रीय सड़क निधि के अंतर्गत सेतु बंधन योजना से पुल के निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। उक्त पुल का संरचनात्मक ऑडिट लोक निर्माण विभाग और राम मेघे इंजीनियरिंग कॉलेज के सहयोग से किया गया था।

उक्त पुल रखरखाव और मरम्मत के अभाव में अंदर से काफी खस्ता हालत में हो गया है,अतः अब यह पुल यातायात के दृष्टि से उपयुक्त नहीं है, कभी भी बड़ी दुर्घटना है सकती थी।जिसके चलते एहतियात के तौर पर उक्त पुल को 27 अगस्त 2025 से यातायात और पैदल यात्रियों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। लेकिन यह पुल शहर के मध्य और मुख्य मार्ग पर है, इसलिए शहर में यातायात की दृष्टि से इसका असर आम नागरिकों पर भी पड़ रहा है। इसलिए इस संबंध में  बलवंत वानखड़े ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी,  से मुलाकात की।

यातायात की भीड़भाड़

शहर में यातायात की भीड़भाड़, यात्रियों की दुर्दशा और पुल के तत्काल निर्माण की आवश्यकता के बारे में  विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने एक लिखित पत्र में यह भी मांग की कि पुल के निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये तुरंत उपलब्ध कराए जाएं। इस पर गडकरी ने केंद्रीय सड़क निधि के अंतर्गत सेतु बंधन योजना से उक्त पुल के निर्माण के लिए निधि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर सांसद कल्याण काले, सांसद डॉ शिवाजी कालगे उपस्थित थे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com