अमरावती : मेलघाट में बाघ के बाद अब भालू का कहर, किसान पर हमला
Amravati News: अमरावती के मेलघाट टाइगर रिजर्व में बाघों के बाद अब भालुओं का आतंक बढ़ा है। चिखलदरा की जरीदा रेंज में भालू ने किसान पर हमला किया, किसान बाल-बाल बचा।
- Written By: आकाश मसने
भालू (सोर्स: सोशल मीडिया)
Amravati bear Attack News: अमरावती जिले के मेलघाट टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से बाघों के हमले का खतरा बना हुआ था, और अब इस क्षेत्र में भालुओं ने भी अपना आतंक दिखाना शुरू कर दिया है। चिखलदरा तहसील की जरीदा रेंज के घाना गांव में गुरुवार को एक भयावह घटना घटी, जहां एक भालू के हमले में एक किसान बाल-बाल बच गया।
घटना के समय किसान अजु हीराजी जामुनकर (55) अपने खेत में काम कर रहे थे। अचानक झाड़ियों में छिपे एक भालू ने उन पर हमला कर दिया। भालू के पंजों और दांतों के वार से जामुनकर जमीन पर गिर पड़े और उनकी चीखें सुनकर खेत में बंधी उनकी गाय और बैल उनकी मदद के लिए दौड़े। मवेशियों को अपनी ओर आता देख भालू घबरा गया और वहां से भाग निकला, जिससे जामुनकर की जान बच गई। हालांकि, उन्हें गंभीर चोटें आईं हैं और उनका इलाज चल रहा है।
छह महीने में छह शिकार, अब भालू का आतंक
मेलघाट टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पिछले छह महीनों में बाघों के हमलों में छह नागरिकों की मौत हो चुकी है। बाघों की समस्या अभी सुलझी नहीं थी कि अब भालुओं के हमलों ने आदिवासी समुदाय को और भी दहशत में डाल दिया है। जंगल के पास खेती करने वाले किसानों के लिए सुबह-शाम अपने खेतों में जाना बेहद मुश्किल हो गया है।
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सुरक्षा पर उठे सवाल
वन विभाग हर हमले के बाद थोड़ी-बहुत आर्थिक मदद तो देता है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल रहा है, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि वन्यजीवों का संरक्षण तो जरूरी है, लेकिन ग्रामीणों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
घाना गांव और आसपास के गांवों में डर का माहौल है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग घरों से बाहर निकलने से डरते हैं, और किसान लगातार हमले के डर में जी रहे हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है।
