

Ashram School Building Construction: अमरावती जिले के धारणी आदिवासी विकास प्रकल्प कार्यालय द्वारा निकाले गए निविदा के तहत मैंने अपनी जगह पर आश्रमशाला के लिए भवन और कमरों का निर्माण कराया। इसके लिए मैंने पत्नी के गहने गिरवी रखे और रिश्तेदारों से कर्ज लिया। अब केवल दो महीने बाद ही बिना किसी लिखित आदेश के स्कूल को फिर से स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगर मुझे मेरी जगह का किराया और निर्माण पर हुआ खर्च नहीं मिला, तो मुझ पर आत्महत्या करने की नौबत आ जाएगी। यह गंभीर चेतावनी अंजनगांव सुर्जी निवासी जगह के मालिक अमोल ठाकरे ने पत्रकार वार्ता में दी।
चिखलदरा तहसील के गुल्लरघाट शासकीय माध्यमिक आश्रमशाला को दर्यापुर कैंप में स्थानांतरित किया गया था। वहां मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण धारणी एकात्मक आदिवासी विकास प्रकल्प विभाग ने नई इमारत में स्कूल स्थानांतरित करने के लिए निविदा जारी की थी। इस विज्ञापन के आधार पर अंजनगांव सुर्जी निवासी अमोल ठाकरे ने आवेदन किया और धारणी प्रकल्प कार्यालय के नियमानुसार अंजनगांव सुर्जी स्थित अपने 'ठाकरे मंगल कार्यालय' तथा परिसर में अतिरिक्त निर्माण कार्य करवाकर सर्वसुविधायुक्त वर्ग कमरों का निर्माण कराया। समिति द्वारा निरीक्षण के बाद इस जगह को मंजूरी भी दी गई थी।
अमोल ठाकरे ने बताया कि आदिवासी विकास प्रकल्प अधिकारियों के निर्देशानुसार उन्होंने परिसर में शौचालय, बाथरूम, सुसज्जित खेल का मैदान और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। लेकिन महज दो महीने बीतने के बाद 16 अगस्त को धारणी प्रकल्प कार्यालय की एक समिति मौखिक आदेश लेकर पहुंची और स्कूल को फिर से दर्यापुर के बाभली में स्थानांतरित करने की बात कही। ठाकरे ने सवाल उठाया कि जब दो महीने पहले मेरी जगह को सभी सुविधाओं के साथ सही मानकर मंजूरी दी गई थी, तो अचानक ऐसा क्या हुआ कि अब पुरानी जगह को बेहतर बताकर स्कूल बदला जा रहा है? इस मनमानी के कारण मुझे भारी मानसिक परेशानी सहना पड़ रहा है और मैं कर्ज में डूब गया हूं।
रविवार 16 अगस्त को धारणी आदिवासी विकास प्रकल्प कार्यालय की एक समिति स्कूल पहुंची। उनके पास कोई आधिकारिक लिखित पत्र नहीं था। समिति के अधिकारियों ने बताया कि वे केवल मौखिक आदेश के आधार पर आए हैं। अब नागरिकों और क्षेत्र के लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या स्कूल का स्थानांतरण होगा और पीड़ित जगह मालिक को उसका किराया तथा निर्माण खर्च का भुगतान मिलेगा या नहीं। पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा के जिला महासचिव डॉ. विलास कविटकर, अमोल ठाकरे, पार्षद मनीष मेण, गजानन हाडोले, पप्पू लांडे, इंजीनियर नितिन कविटकर, गजानन ठाकरे, देवानंद टांक, नितिन नाथे, अनिल काले, योगेश भोरकडे, विनोद हाडोले सहित अन्य उपस्थित थे।