

Kumkum Mohod Success Story: तीरंदाजी का साहित्य अन्य खेलों की तुलना में काफी महंगा है, लेकिन परिवार के पूरे पूरे सहयोग ने मुझे कभी इसकी कमी महसूस नहीं होने दी। हम मध्यमवर्गीय परिवार से हैं, फिर भी मेरे पिता ने कभी गरीबी का एहसास नहीं होने दिया।" यह बात एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली अमरावती की तीरंदाज कुमकुम मोहोड़ ने सोमवार को पत्रवार्ता के दौरान कही।
जापान से रात करीब 1 बजे अमरावती पहुंचीं कुमकुम का सोमवार सुबह सांस्कृतिक भवन में सम्मान किया गया। समारोह के बाद उन्होंने पहली बार मीडिया से अपने खेल सफर और सफलता के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में तीरंदाजी से जुड़ीं। उनकी रुचि चित्रकला और हस्तकला में थी, लेकिन मां ने उन्हें तीरंदाजी जारी रखने की सलाह दी। मां की बात को गांठ बांधकर उन्होंने लगातार अभ्यास और एकाग्रता के साथ सफलता हासिल की।
कुमकुम ने कहा कि ध्यान यानी मेडिटेशन ने खेल में एकाग्रता और निरंतरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब उनका लक्ष्य 2028 और 2036 के ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करना है। व्यस्त कार्यक्रम, बारहवीं की परीक्षा और ओलंपिक की तैयारी के बीच पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान रहेगा। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए लगातार मेहनत और एकाग्रता सबसे जरूरी है। इस अवसर पर रजत पदक विजेता यशदीप भोगे, महाराष्ट्र तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष एड. प्रदीप देशपांडे तथा राज्य सचिव और कुमकुम के प्रशिक्षक प्रमोद चांदुरकर उपस्थित थे। मंगलवार को हैदराबाद और बुधवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का कार्यक्रम भी है।
जापान में आयोजित एशियाई खेल-2026 में शानदार प्रदर्शन कर दो स्वर्ण पदक जीतने वाली अमरावती की 17 वर्षीय तीरंदाज कुमकुम मोहोड का सोमवार को शहर में भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर विधायक सुलभा खोडके ने कुमकुम और रजत पदक विजेता यशदीप भोगे का अभिनंदन करते हुए कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमरावती का गौरव बढ़ाया है। कुमकुम ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।
विधायक खोडके ने कहा कि कुमकुम ने वास्तव में अमरावती के माथे पर सम्मान का तिलक सजाया है। यशदीप भोगे ने भी तीरंदाजी की टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर शहर का मान बढ़ाया, सम्मान समारोह में सांसद अनिल बोंडे, विधायक सुलभा खोडके, महापौर श्रीचंद तेजवानी, जिलाधिकारी आशिष येरेकर, एसपी निकेतन कदम, आर्ची असो. के प्रदेशाध्यक्ष एड. प्रशांत देशपांडे, जितेन्द्र ठाकुर तथा दोनों खिलाड़ियों के स्वागत में निकाली गई रैली में परिवार जनों सहित खेल संगठनों के पदाधिकारी, प्रशिक्षक, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में खेलप्रेमी नागरिक उपस्थित थे।