अमरावती कृषि उपज मंडी में कबूतरों का आतंक, रोज उड़ा रहे क्विंटल भर अनाज
Amravati Pigeon problem: अमरावती कृषि बाजार समिति में लाखों कबूतर सोयाबीन, मक्का व अन्य अनाज के बोरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अनाज खराब हो रहा है, मजदूरों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है।
- Written By: आकाश मसने
कबूतर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Amravati Agricultural Market Pigeon Problem: अमरावती कृषि उत्पन्न बाजार समिति परिसर में हजारों की संख्या में मौजूद कबूतरों का झुंड भारी नुकसान पहुंचा रहा है। खुले में रखे सोयाबीन, हरभरा (चना), तुअर, मक्का जैसे अनाज के बोरे रोजाना कबूतरों के निशाने पर हैं। इससे किसानों का बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है।
बाजार समिति के शेड और शेड के बाहर सोयाबीन और मक्का के हजारों बोरे रखे होते हैं। कबूतरों का बड़ा झुंड उड़कर सीधे बोरे फाड़ देता है और अंदर का अनाज खा जाता है।
एक व्यापारी ने बताया कि इस क्षेत्र में लगभग दीढ़ से दो लाख कबूतर हैं तथा प्रतिदिन क्विंटल भर अनाज ये कबूतर खा जाते होंगे। कबूतरों की विष्ठा हवा में फैलकर अनाज को खराब करती है और जिससे मजदूरों के स्वास्थ्य पर असर पडता है।
सम्बंधित ख़बरें
अवैध खनन के खिलाफ टॉवर पर चढ़ा युवक, किसान ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में किया हाई वोल्टेज ड्रामा
गोदाघाट पर महिला श्रद्धालुओं से अवैध वसूली, कपड़े बदलने के नाम पर वसूले जा रहे 20 रुपये
पश्चिम रेलवे की एक और ट्रेन हुई रेगुलर, मुंबई से काठगोदाम की सुपरफास्ट यात्रा
बीएमसी स्कूलों के भूखंडों का निजी संस्थाओं को आवंटन रोके, विधायक सरदेसाई, बोले सार्वजनिक शिक्षा को खतरा
श्वसन समस्या में बढ़ोतरी
बाजार समिति में पिछले 18 वर्षों से काम कर रहे एक मजदूर को गंभीर श्वसन समस्या हो गई है। उन्हें लगातार अस्पताल जाना पड़ता है। डॉक्टरों ने बताया है कि यह समस्या कबूतरों की वजह से बढ़ी है। उन्होंने जल्द से जल्द कबूतरों के नियंत्रण की मांग की है।
मानवों के साथ अन्य पक्षियों को भी खतरा
पक्षी विशेषज्ञ किरण मोरे के अनुसार कबूतर इंसानों के लिए तो नुकसानदायक हैं ही, साथ ही अन्य पक्षियों के लिए भी खतरा बढ़ा रहे हैं। अमरावती में इमारतों की संख्या बढ़ने से कबूतरों को सहज ठिकाने मिल जाते हैं।
एसी के पास कबूतर घोंसले बनाते हैं, जिससे विष्ठा की दुर्गंध एसी के माध्यम से घरों तक पहुंचती है, जो अत्यंत हानिकारक है। कबूतरों की तेजी से बढ़ती संख्या पर्यावरण संतुलन बिगाड़ रही है और छोटे पक्षियों का अस्तित्व खतरे में है।
यह भी पढ़ें:- अमरावती में बागियों की एंट्री, बीजेपी-कांग्रेस में अंदरूनी घमासान, निर्दलीयों ने बढ़ाई टेंशन
कबूतरों से अनाज पर होने वाला असर
कबूतरों की विष्ठा और पंखों से अनाज में बुरशी (फफूंदी) बनती है, जिससे अनाज विषाक्त हो जाता है। अनाज की पौष्टिकता घटती है, रंग बदल जाता है और दुर्गंध आने लगती है। कबूतरों की वजह से अनाज में कीट व जंतु पनपने लगते हैं।
कबूतरों से होने वाली बीमारियां
कबूतराें की वजह से श्वसन संबंधी रोग, छाती दर्द, बुखार, खांसी बढ़ती है। कबूतरों की विष्ठा से उत्पन्न फफूंद फेफड़ों और मस्तिष्क पर गंभीर असर डालती है।
