
चिखलदरा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chikhaldara-Melghat Tourist Spot: अमरावती जिले में सर्दियों का असर बढ़ने लगा है और ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का कहर महसूस किया जा रहा है। जिले के मेलघाट और चिखलदरा इलाके पूरी तरह ठंडे वातावरण में बदल गए हैं। चारों तरफ कोहरे और ओस के बादलों से क्षेत्र ढक गए हैं। चिखलदरा में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है। इस निसर्गरम्य वातावरण के कारण पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है।
चिखलदरा में बुधवार को अधिकतम तापमान 26.4° डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम 16.7° डिग्री सेल्सियस रहा। बावजूद इसके शाम ढलने से लेकर सुबह 10 बजे तक यहां पर कोहरे के बादलों ने सडकों पर राज जमाए रखा। जिसे देखने के लिए राज्यभर से पर्यटक ठंड का आनंद लेने के लिए यहां आ रहे हैं।
सुबह व रात में ठंड और बढ़ जाने से स्थानीय नागरिक खुद को गर्म रखने के लिए अलाव के पास बैठने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तापमान शहरों की तुलना में तेज़ी से गिर रहा है और रात के समय घने कोहरे और ठंड महसूस की जा रही है। ठंड शुरू होते ही स्वेटर, जैकेट, मफलर और टोपी की मांग बढ़ गई है।
बाजार में हंगामी दुकानें और ग्रामीण साप्ताहिक बाजार भी ऊनी कपड़ों से गुलजार हैं। लोग घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनना जरूरी समझ रहे हैं। मौसम में बदलाव का असर स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। सर्दी, खांसी, बुखार, साइनस और दमा जैसी समस्याएं बढ़ी हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रोजाना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टर विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और वृद्धों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। गर्म भोजन, पर्याप्त पानी और हल्का व्यायाम करने की भी सिफारिश की जा रही है।
हाल ही में बारिश खत्म होने के बाद खेतों में नमी बनी हुई है। बढ़ती ठंड से यह नमी और ठंडी हो रही है, जिससे वातावरण में ठंडक बढ़ रही है। किसान रबी सीजन के गेहूं, हरभरा और मसूर जैसी फसलों की बुवाई में व्यस्त हैं।
ठंड का यह मौसम फसलों के लिए लाभदायक है, लेकिन किसान सावधानी बरत रहे हैं ताकि अत्यधिक ठंड से सब्जियों और फूलों की फसल पर असर न पड़े। कुल मिलाकर, अमरावती जिले में सर्दियों की शुरूआत स्पष्ट रूप से महसूस की जा रही है। पर्यटक ठंड का आनंद ले रहे हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर जीवन पर भी दिखाई दे रहा है।






