

Abhijit Dipke MPSC Protest Student Issues: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने अमरावती में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए MPSC आयोग के खिलाफ आंदोलन में साथ देने की अपील की।
वर्धा में छात्रों ने परीक्षा फीस और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं उठाईं, जबकि चंद्रपुर में आश्रमशालाओं की सुविधाओं पर सवाल उठाए गए।
MPSC और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर विद्यार्थियों के बीच पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने आंदोलन में छात्रों का साथ मांगा। अमरावती में उन्होंने कहा कि व्यवस्था में बदलाव के लिए अच्छे लोगों की जरूरत है और विद्यार्थियों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए वे प्रयास करेंगे।इस दौरान छात्रों ने परीक्षा फीस से लेकर शिक्षा व्यवस्था में मूलभूत सुविधाओं की कमी तक कई मुद्दे उठाए।
अमरावती, ब्यूरो। संत गाडगेबाबा समाधि मंदिर के सामने स्थित मैदान में अभिजीत दिपके का विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों ने गोल घेरा बनाकर दिपके से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की।
दिपके ने कहा कि MPSC आयोग के खिलाफ आंदोलन के लिए उन्हें विद्यार्थियों के साथ की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पार्टी की शुरुआत के बाद उन्हें कई बड़े ऑफर मिले, लेकिन उन्होंने देश के लिए काम करने का निर्णय लिया। उन्होंने विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए अपनी ओर से हरसंभव प्रयास करने की बात कही।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान ली जाने वाली भारी फीस का मुद्दा उठाया। छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की।
इस दौरान कुछ विद्यार्थियों ने नेताओं की शैक्षणिक पात्रता को लेकर भी सवाल उठाए। दिपके ने विद्यार्थियों की ओर से उठाए गए मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
वर्धा के मालन परिसर स्थित हनुमान मंदिर में भी अभिजीत दिपके ने विद्यार्थियों से संवाद किया। यहां छात्र-छात्राओं ने शिक्षा व्यवस्था की विभिन्न समस्याएं और शैक्षणिक सुविधाओं से जुड़ी परेशानियां सामने रखीं।
दिपके ने विद्यार्थियों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और उनके निराकरण के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया।
चंद्रपुर शहर में स्कूल ठीक करो अभियान के तहत आश्रमशालाओं के निरीक्षण का दावा भी किया गया। दिपके के अनुसार, कुछ आश्रमशालाओं में छात्राओं के स्नानगृहों की छत और दरवाजे नहीं हैं। शौचालयों और स्नानगृहों में आवश्यक सुविधाओं की कमी तथा अस्वच्छता होने का भी उन्होंने दावा किया।
उन्होंने कहा कि आदिवासी विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए सरकारी योजनाओं और करोड़ों रुपये के बजट की बात की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है।
अब विद्यार्थियों से जुड़े इन मुद्दों पर प्रशासन और सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।