

Ambernath Municipal Politics: अंबरनाथ शहर में एक तरफ भाजपा और शिवसेना पार्षदों के बीच नपा सदन में राजनीतिक खींचतान का माहौल है। जिसके चलते मानसून से पहले की तैयारियों और स्वच्छता संबंधी मुद्दों पर फैसले नहीं लिए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, नगर परिषद प्रशासन ने शहर के विभिन्न विकास कार्यों के लिए एक बड़ा टेंडर जारी किया है। इस टेंडर के तहत कुल 39 कार्य किए जाएंगे, जिनकी कुल लागत 36 करोड़ 22 लाख रुपए है। इनमें सड़क निर्माण, फुटपाथ, नालियों और सीवर का निर्माण, सामुदायिक समाज मंदिर, हॉल का निर्माण, फुटपाथ, सुरक्षा दीवारें और उद्यान शामिल हैं।
अंबरनाथ नगर परिषद में चुनाव के बाद भी सत्ता संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिलहाल अंबरनाथ नगर परिषद में नपा तेजश्री करंजुले भाजपा से हैं, जबकि नपा के उपाध्यक्ष सदाशिव पाटिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से हैं, लेकिन शिवसेना गठबंधन में हैं।
हालांकि नपा का अध्यक्ष पद भाजपा के पास है। लेकिन संख्या बल शिवसेना के पक्ष में है। इसलिए हर आमसभा में सत्ता संघर्ष देखने को मिलता है। इसी संघर्ष के चलते आम सभा अक्सर स्थगित हो रही हैं। गुरुवार को भी शिवसेना के नगरसेवक भाजपा पर बाहरी पड़ गए थे। वहीं दूसरी ओर नपा प्रशासन ने शहर में 39 कार्यों के लिए निविदाएं जारी की हैं। ये कार्य शहर के विभिन्न वार्डों में किए जाएंगे। इनमें कुल 36 करोड़ 22 लाख 376 रुपए की लागत के कार्य शामिल हैं। चुनाव के बाद पहली बार इतनी बड़ी राशि की निविदाएं एक साथ जारी की गई हैं। इनमें सबसे अधिक सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं। कुल 39 कार्यों में से 15 कार्य सड़क चौड़ीकरण और निर्माण के लिए हैं।
इसके साथ ही इसमें नालियों और सीवरों का निर्माण, सड़कों और आसपास के क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण, सभागारों का निर्माण, सुरक्षा दीवारों का निर्माण, थिएटर और सभागारों का निर्माण, उद्यानों का विकास, शौचालयों का निर्माण, व्यायामशालाओं का निर्माण, अध्ययन कक्षों का निर्माण, कंक्रीट के फुटपाथों का निर्माण और चौकों का सौंदर्यीकरण भी शामिल है। इनमें से अधिकांश कार्य जिला नागरोत्थान पर उपलब्ध निधि से किए जाएंगे। कुछ कार्य 5 प्रतिशत कमजोर वर्ग के अंतर्गत मिलने वाली निधि से किए जाएंगे।
अंबरनाथ नगर परिषद के टेंडर में पूर्वी दिशा में हुतात्मा चौक तक सड़क के किनारे की पट्टी को कंक्रीट करने का काम शामिल है। इस काम पर 2 करोड़ 41 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। हालांकि टेंडर में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं है, लेकिन यह काम स्वामी समर्थ चौक से हुतात्मा चौक तक ही होगा। हालांकि सवाल उठ रहे हैं कि इस काम पर इतनी बड़ी रकम क्यों खर्च की जा रही है। इसके साथ ही पुराने वार्ड 44 में नाले के निर्माण पर 2 करोड़ 10 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।