छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो! अकोला में पार्षद आकाश कवडे के नेतृत्व में आंदोलन, इलाके में मची खलबली

Akola Youth Congress: अकोला में सीईटी और एमपीएससी पेपर लीक के विरोध में युवक कांग्रेस कार्यकर्ता पानी की टंकी पर चढ़ गए। शिक्षा मंत्री दादा भुसे के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन।
Stop playing with students' futures! A protest led by Councilor Akash Kavde in Akola has caused a stir in the area.
अकोला युवक कांग्रेस आंदोलन (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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CET MPSC Paper Leak: महाराष्ट्र में सीईटी और एमपीएससी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में अकोला युवक कांग्रेस ने बुधवार, 29 जुलाई को अनोखा आंदोलन किया। जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष व पार्षद आकाश कवडे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शास्त्री नगर स्थित अकोला अर्बन बैंक मुख्य शाखा के सामने बनी पानी की टंकी पर चढ़कर शोले फिल्म की स्टाइल में विरोध प्रदर्शन किया।

इस दौरान सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। इस आंदोलन से पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई। युवक कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि कथित पेपर लीक से लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।

यह गंभीर मामला है और शिक्षा मंत्री दादा भुसे को जिम्मेदारी स्वीकार कर इस्तीफा देना चाहिए। आंदोलन की पूर्व जानकारी होने के कारण पुलिस ने अनुचित घटनाओं को रोकने के लिए कड़ा बंदोबस्त किया था। कुछ समय तक नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया।

आंदोलन में शामिल कार्यकर्ता

इस शोले स्टाइल आंदोलन में पश्चिम विधानसभा अध्यक्ष मो। शारिक, जिला उपाध्यक्ष राहुल सारवान, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अंकुश तायडे, विद्यार्थी कांग्रेस जिला अध्यक्ष अभिजीत तंवर, विजय जामनिक, सोशल मीडिया जिला अध्यक्ष सलीम अली, शेख अर्शद, बाबू खान, ऋषिकेश जामोदे, राम कोकाटे, पवन खत्री, अजय खंडारे, शेख मुसेफ, मो। फैसन सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

गड्डों में बैठकर आंदोलन

अकोला अकोट शहर के मुख्य मार्गों पर बड़े-बड़े गड्डे पड़ने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या की ओर बार-बार ध्यान आकर्षित करने के बावजूद नगर प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसके विरोध में शहर कांग्रेस ने अनोखा आंदोलन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य सड़क पर बने गड्डों में बैठकर विरोध जताया और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए।

कई महीनों से शहर के मुख्य मार्गों पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं। बरसात में इन गड्डों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं होता और आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। बुजुर्गों, महिलाओं और विद्यार्थियों के लिए इन मार्गों पर चलना कठिन हो गया है।

धूल और गड्डों के कारण यातायात जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे कार्यकर्ताओं का धैर्य टूट गया। आंदोलनकारियों ने गड्डों में बैठकर विरोध दर्ज कराया और चेतावनी दी कि यदि सड़कों की तत्काल मरम्मत नहीं की गई तो और भी तीव्र आंदोलन किया जाएगा।

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