Tumsar Divyang Pension News: तुमसर राज्य सरकार के हालिया निर्णय ने दिव्यांग लाभार्थियों के बीच चिंता और रोष की स्थिति पैदा कर दी है। नए सरकारी आदेश के तहत अब केवल स्थायी दिव्यांगता प्रमाण पत्र रखने वाले व्यक्तियों को ही विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ मिलेगा। इस फैसले से तुमसर तहसील के करीब 1500 से अधिक दिव्यांग लाभार्थियों का मानधन बंद होने की आशंका जताई जा रही है।
वर्तमान में अस्थायी प्रमाण पत्र धारक तुमसर (Tumsar) दिव्यांगों को संजय गांधी निराधार योजना और श्रावण बाल सेवा राज्य निवृत्ती वेतन योजना के तहत आर्थिक सहायता मिल रही है। लेकिन नए नियम लागू होने के बाद इन लाभार्थियों की सहायता रुक सकती है। सरकार अब डिजिटल यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) के आधार पर डेटा अपडेट करने पर जोर दे रही है, जिसमें स्थायी और अस्थायी दिव्यांगता का स्पष्ट वर्गीकरण किया गया है।
मानधन बंद होने की आशंका से कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। ऐसे अनेक परिवार हैं जो पूरी तरह इसी सरकारी सहायता पर निर्भर हैं। अचानक सहायता बंद होने से उनके लिए दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो जाएगा।
सरकार का तर्क है कि दिव्यांगता का प्रतिशत समय के साथ बदल सकता है, इसलिए डेटा का पुनर्मूल्यांकन जरूरी है। वहीं दिव्यांग संगठनों का कहना है कि कई प्रकार की दिव्यांगताओं में डॉक्टर तकनीकी कारणों से स्थायी प्रमाण पत्र देने में हिचकिचाते हैं।
नए सिरे से स्थायी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जिला अस्पतालों में भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे दिव्यांगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और उन्हें शारीरिक असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
राकांपा के विधानसभा अध्यक्ष देवचंद ठाकरे समेत कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि अस्थायी प्रमाण पत्र धारकों के लिए विशेष मेडिकल कैंप आयोजित किए जाएं, ताकि उन्हें आसानी से स्थायी प्रमाण पत्र मिल सके।
संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। साथ ही लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे अपनी पेंशन जारी रखने के लिए जल्द से जल्द जिला अस्पताल में जांच कराकर पोर्टल पर अपना डेटा अपडेट करवाएं।