Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Akola News: मोबाइल युग में लैंडलाइन बनी शोपीस, सिर्फ सरकारी दफ्तरों में बजती घंटी

एक समय था जब घर पर लैंडलाइन होना संपन्नता का प्रतीक माना जाता था। जिस किसी के भी घर में टेलीफोन होता था, उसके घर में पड़ोसियों की लंबी लाइन लगी रहती थी।

  • By अपूर्वा नायक
Updated On: Sep 27, 2025 | 01:07 PM

लैंडलाइन फोन (सौ. सोशल मीडिया )

Follow Us
Close
Follow Us:

Akola News In Hindi: कुछ दशक पहले घर में टेलीफोन होना सामाजिक प्रतिष्ठा और संपन्नता का प्रतीक माना जाता था। उस दौर में टेलीफोन से बात करने के लिए पड़ोसियों की भी कतारें लगती थीं। लैंडलाइन फोन की घंटी बजते ही घर के सदस्य दौड़ पड़ते थे यह देखने कि किसका कॉल आया है।

कई बार यह कॉल पड़ोसी के लिए होता और टेलीफोन मालिक को ही संदेश देने को कहा जाता। उस समय टेलीफोन नंबर बताना गर्व की बात होती थी। लेकिन समय के साथ तकनीक ने टेलीफोन की जगह मोबाइल को दे दी है। आज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के साथ साथ अमीरों तक हर किसी के हाथ में मोबाइल है। मोबाइल की सुविधाओं और सेवा प्रदाताओं की प्रतिस्पर्धा ने इसे आमजन की पहली पसंद बना दिया है। नतीजतन, पारंपरिक लैंडलाइन अब घरों में दिखावट की वस्तु बन चुकी है। हालांकि कुछ लोगों ने अब भी लैंडलाइन को सहेज कर रखा है।

सरकारी कार्यालयों में अब भी उपयोग

बीएसएनएल पर सरकारी कार्यालयों का भरोसा अब भी कायम है। अधिकांश सरकारी दफ्तरों और बैंकों में आज भी लैंडलाइन फोन बजते हैं। हालांकि, इन कार्यालयों ने पारंपरिक कॉपर ऑप्टिक्स को फाइबर ऑप्टिक्स में बदल दिया है, जिससे सेवा अधिक सुगम हो गई है। इंटरनेट युग में फाइबर की मांग भी तेजी से बढ़ी है।

ये भी पढ़ें :- Akola News: Akola मोटरसाइकिल चोरी का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार

जिले में लैंडलाइन की स्थिति

वर्ष 2013 के आसपास जिले में लगभग 8,000 लैंडलाइन धारक थे। इनमें से लगभग 3,000 ने अपनी सेवा को फाइबर में परिवर्तित कर लिया है, जबकि लगभग 2,000 लैंडलाइन आज भी सक्रिय हैं। वहीं, करीब 3,000 लैंडलाइन बंद हो चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि कैसे मोबाइल ने लैंडलाइन को धीरे-धीरे पीछे छोड़ दिया है। आज के डिजिटल युग में जहां हर हाथ में मोबाइल है, वहीं लैंडलाइन की घंटी अब केवल सरकारी दफ्तरों तक सीमित रह गई है। यह बदलाव आधुनिक तकनीक की गति और जनसामान्य की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

Traditional landlines have now become a showpiece in homes

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Sep 27, 2025 | 01:07 PM

Topics:  

  • Akola News
  • Hindi News
  • Maharashtra

सम्बंधित ख़बरें

1

नासिक मनपा चुनाव: महाविकास आघाड़ी में सीटों पर अब भी फंसा पेंच, गठबंधन पर सस्पेंस बरकरार

2

Mira Bhayandar: भाजपा-शिवसेना युति पर सस्पेंस, राकांपा ने तोड़ा महायुति से नाता

3

Maharashtra News: महायुति को झटका, नवी मुंबई में भाजपा और शिवसेना आमने-सामने

4

Navi Mumbai International Airport की दमदार शुरुआत, 2 दिन में 10,000 यात्री

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2025 All rights reserved.