अकोला: किसनराव हुंडीवाले हत्याकांड की सुनवाई अंतिम चरण में, जल्द आएगा कोर्ट का अंतिम फैसला
Akola Crime News: किसनराव हुंडीवाले हत्या केस की न्यायिक प्रक्रिया अंतिम चरण में है। पुलिसकर्मी राजेश वानखडे की साक्ष्य पर युक्तिवाद पूर्ण हुआ, जिसमें कॉल डिटेल और अन्य दस्तावेज अदालत में पेश किए गए।
- Written By: पूजा सिंह
किसनराव हुंडीवाले हत्याकांड
Hundiwale Murder Case: अखिल भारतीय गवली समाज के नेता किसनराव हुंडीवाले की 6 मई 2019 को अकोला के न्यास नोंदणी कार्यालय में की गई हत्या के प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस बहुचर्चित हत्याकांड में पुलिस कर्मचारी राजेश वानखडे की साक्ष्य से संबंधित महत्त्वपूर्ण युक्तिवाद प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश शिवाजी कचरे की अदालत में पूर्ण हुआ।
इस युक्तिवाद में वानखडे और तत्कालीन स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक कैलास नागरे के बीच मोबाइल पर हुए संवाद, कॉल डिटेल रेकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल कंपनी के नोडल अधिकारी की साक्ष्य और ड्यूटी चार्ट जैसे महत्त्वपूर्ण दस्तावेज पूरक आरोपपत्र में प्रस्तुत किए गए हैं। प्रकरण में शेष साक्षीदारों से संबंधित युक्तिवाद अब पूर्ण होने की संभावना है, जिसके बाद बचाव पक्ष की ओर से युक्तिवाद की तारीख तय की जाएगी।
ये भी पढ़ें : अक्षय नागलकर हत्या कांड में पुलिस की बड़ी सफलता, 9 आरोपी गिरफ्तार, DNA जांच से होगी पहचान
सम्बंधित ख़बरें
धुले डबल मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासा, तांत्रिक ने छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवती को उतारा मौत के घाट
जेल में बंद पाखंडी अशोक खरात के परिवार को 3 करोड़ का सरकारी मुआवजा? नासिक में ‘कुंभ रिंग रोड’ पर नया विवाद
पत्नी के अफेयर के शक में हैवान बना पति, प्राइवेट पार्ट को तेजाब डालकर जलाया, 15 दिनों तक दी तालीबानी सजा
धुले में डबल मर्डर से सनसनी! ढोंगी तांत्रिक ने आश्रम में कर दी युवक-युवती की हत्या, अघोरी वारदात से मचा हड़कंप
विशेष सरकारी वकील एड निकम कर रहे पैरवी
बता दें कि सोमवार से ही इस प्रकरण में अंतिम युक्तिवाद की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। सरकार पक्ष की ओर से विशेष सरकारी वकील एड. उज्ज्वल निकम इस प्रकरण में पैरवी कर रहे हैं, जिन्हें जिला सरकारी वकील एड. राजेश्वर देशपांडे का सहयोग प्राप्त है। युक्तिवाद की प्रक्रिया पूर्ण होते ही न्यायालय द्वारा निर्णय हेतु अगली तारीख निश्चित किए जाने की संभावना है। हुंडीवाले हत्याकांड की गंभीरता और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए यह प्रकरण पूरे राज्य में विशेष ध्यान का केंद्र बना हुआ है। न्यायालयीन प्रक्रिया के इस निर्णायक मोड़ पर सभी पक्षों की दलीलों पर गहन विचार के बाद अंतिम निर्णय अपेक्षित है।
