एसटी कर्मियों ने पेश की ईमानदारी की मिसाल, बस में गुम हुआ 10 ग्राम सोने का मंगलसूत्र सुरक्षित लौटाया
एसटी कर्मियों ने 10 ग्राम सोने का मंगलसूत्र लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की। जानें पूरी कहानी।
Akola News: 9 अप्रैल 2026 को अकोला से बोरगांव मंजू के बीच चल रही बस में एक महिला यात्री यात्रा कर रही थीं। यात्रा के दौरान उनकी पर्स सीट के नीचे गिर गई, जिसमें लगभग 10 ग्राम सोने का मंगलसूत्र और अन्य सामान मौजूद था।
महिला को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनकी पर्स बस में ही छूट गई है और वह बोरगांव मंजू पर उतर गईं। बस में आगे भी यात्रियों का चढ़ना-उतरना जारी रहा, लेकिन किसी की नजर उस पर्स पर नहीं पड़ी।
इसी बीच बोरगांव मंजू के एसटी कर्मचारी मनीष तिवारी ने कारंजा डिपो के कंडक्टर कमल चव्हाण से संपर्क किया। तब तक बस डिपो में पहुंच चुकी थी। कंडक्टर कमल चव्हाण ने तुरंत वाहन परीक्षक प्रकाश बोरीकर को इसकी सूचना दी।
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बोरीकर ने बस क्रमांक 5909 की जांच की और सीट के नीचे वह पर्स बरामद कर ली। जांच करने पर पर्स में रखा पूरा सामान, जिसमें सोने का मंगलसूत्र भी शामिल था, सुरक्षित पाया गया। इसके बाद संबंधित कर्मचारी मनीष तिवारी को सूचित किया गया।
अगले दिन, 10 अप्रैल 2026 को महिला अपने पति और भाई के साथ कारंजा डिपो पहुंचीं। डिपो प्रबंधक हेमंत चांदुरकर ने पहचान की पुष्टि करने के बाद महिला को उनकी पर्स और सारा सामान सौंप दिया।
इस ईमानदारी भरे कार्य के लिए वाहन परीक्षक प्रकाश बोरीकर का सम्मान किया गया। डिपो प्रबंधक हेमंत चांदुरकर ने भी उनकी सराहना की।
अपना कीमती सामान वापस मिलने पर महिला के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने आभार व्यक्त करते हुए कारंजा डिपो के सभी कर्मचारियों को मिठाई बांटकर अपनी खुशी जाहिर की।
