अकोला की श्री गजानन पतसंस्था में 8.97 करोड़ की गड़बड़ी, अध्यक्ष और CEO गिरफ्तार
Akola Fraud Case: अकोला के डाबकी रोड पर श्री गजानन सहकारी पतसंस्था में 8.97 करोड़ रु. के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें पुलिस ने संस्था के अध्यक्ष नारायण आवारे और उनके CEO बेटे को गिरफ्तार किया है।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Akola Patsanstha Financial Fraud: अकोला के डाबकी रोड स्थित ‘श्री गजानन नागरी सहकारी पतसंस्था’ में 8 करोड़ 97 लाख रुपये की भारी वित्तीय अनियमितता का सनसनीखेज पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने पतसंस्था के अध्यक्ष नारायण आवारे और उनके पुत्र व मुख्य कार्यकारी अधिकारी नंदकिशोर आवारे को गिरफ्तार कर लिया है। इस बड़े वित्तीय घोटाले के चलते संस्था में निवेश करने वाले हजारों निवेशकों की करोड़ों की बचत अटक गई है, जिससे खाताधारकों में भारी आक्रोश का वातावरण निर्माण हो गया है।
बुधवार देर रात डाबकी रोड थाने में मामला दर्ज
इस पूरे वित्तीय घोटाले को लेकर बुधवार देर रात डाबकी रोड पुलिस थाने में आपराधिक मामला दर्ज किया गया, जिसकी आगे की गहन जांच आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की जा रही है। पिछले छह महीनों से इस पतसंस्था ने निवेशकों को पैसे लौटाना पूरी तरह से बंद कर दिया था, जिससे हजारों निवेशकों में गहरा असंतोष फैल गया।
अकोला शहर के नौकरीपेशा वर्ग, पेंशनभोगियों, दैनिक मजदूरों और मध्यमवर्गीय घरेलू कामकाज करने वाली महिलाओं सहित लगभग 2,500 निवेशकों की जमा पूंजी इस संस्था में पूरी तरह फंस चुकी है। बताया जा रहा है कि संस्था में खाताधारकों की कुल जमा राशि 25 करोड़ रुपये से भी अधिक है।
सम्बंधित ख़बरें
Maharashtra Weather: आज राज्य में 20 जिलों में येलो अलर्ट, मानसून की जोरदार वापसी, जानें आपके शहर का मौसम
सुप्रिया सुले को केंद्र में मंत्री पद या कांग्रेस में बड़ी जिम्मेदारी? शरद पवार के डबल गेम से बढ़ी धड़कनें
छत्रपति संभाजीनगर: एक क्लिक पड़ा भारी, साइबर ठगों ने बैंक अपडेट के नाम पर खाते से निकाले 24.79 लाख रुपये
मन की बात में नीट पर चुप्पी क्यों? भड़के कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल, पीएम मोदी की चुप्पी पर जताया विरोध
जीवनभर की संचित पूंजी डूबने की कगार पर
संस्था में बड़े पैमाने पर जारी आर्थिक हेरफेर और अनियमितताओं की शिकायतें पिछले कई महीनों से लगातार सामने आ रही थीं। इस दौरान परेशान निवेशकों ने बार-बार संस्था के चक्कर काटकर अपनी जमा राशि वापस मांगी, लेकिन संस्था प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद जब शासकीय स्तर पर जांच शुरू हुई, तो इसमें करोड़ों रुपये की भारी वित्तीय गड़बड़ी का आधिकारिक खुलासा हुआ।
समाज के मध्यम और कामकाजी वर्ग के लोगों ने अपने जीवनभर की संचित बचत इस संस्था में जमा की थी, जो अब पूरी तरह अटक चुकी है।
यह भी पढे़ं:- महाराष्ट्र में मानसून की एंट्री का काउंटडाउन शुरू, 5 से 10 जून के बीच मुंबई में होगी एंट्री
अटकी हुई रकम की वापसी को लेकर बढ़ी चिंता
वर्तमान में इस पतसंस्था की अकोला में दो मुख्य शाखाएं और तेल्हारा में एक शाखा कार्यरत है। इन सभी केंद्रों के निवेशकों की इस समय सबसे बड़ी चिंता यही है कि उनकी अटकी हुई गाढ़ी कमाई उन्हें कब और किस माध्यम से वापस मिल पाएगी। फिलहाल, अकोला पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा इस पूरे रैकेट की बेहद गहनता से जांच कर रही है और अधिकारियों द्वारा यह संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और चौंकाने वाली वित्तीय जानकारियां तथा नए आरोपियों के नाम सामने आ सकते हैं।
इस गंभीर अनियमितता ने क्षेत्र की सहकारी पतसंस्थाओं के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित निवेशकों ने सरकार से सभी दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
