अकोला. सरकारी केंद्रों में 27 फरवरी से गारंटी दामों में चने की बिक्री के लिए पंजियन शुरू किया गया है. पिछले चार दिनों में केवल 1406 किसानों ने ऑनलाइन पंजियन किया है. पंजियन के लिए किसानों की कतारें चने की बिक्री हेतु पंजियन कराने के लिए केंद्र के बाहर दिखाई दे रही थी लेकिन वह भीड़ अब कम होती जा रही है. सात सरकारी केंद्रों पर 10 हजार से अधिक किसानों के ऑफलाइन आवेदन प्राप्त होने की जानकारी मिली है. पहले दिन जितनी भीड़ किसानों की दिखाई दे रही थी उतनी भीड़ अब नहीं है. कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में लोग खरीदी केंद्र के बाहर रात से ही लाइन लगा रहे थे लेकिन अब वह भीड़ छंटती हुई दिखाई दे रही है.
सरकारी खरीदी केंद्रों पर चना बेचने के लिए पंजियन करने की अंतिम तिथि 15 मार्च है. किसानों ने ऑनलाइन पंजियन करना आवश्यक है. 14 मार्च से नाफेड चना खरीदी केंद्र शुरू करने की संभावना प्रकट की जा रही है. फिलहाल किसानों में उत्साह की कमी है. होली के बाद फिर से पंजियन के लिए किसानों की भीड़ देखी जा सकती है. इसी तरह जिले के 7 खरीदी केंद्रों पर ऑफलाइन आवेदन स्वीकार करना शुरू है. जिले के सरकारी खरीदी केंद्रों पर गारंटी दामों में चना बिक्री के लिए पंजियन शुरू है. जिले की बार्शीटाकली, बालापुर तहसील के वाड़ेगांव, पातुर, तेल्हारा कृषि उपज बाजार समिति व उगवा, पारस ऐसे सात केंद्रों पर चने की बिक्री की जाएगी.
विधायक रणधीर सावरकर ने विधान सभा में मांग की है कि जिले में चने के खरीदी केंद्र बढ़ाए जाएं. उन्होंने कहा कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में करीब 25 प्रश चने की फसल की बुआई अधिक की गयी थी. इस कारण खरीदी केंद्रों में भीड़ अधिक है. अकोला जिला मार्केटिंग फेडरेशन में पिछले वर्ष 10 केंद्र थे इस वर्ष पांच केंद्र और बढ़ाकर मांग हैं. यही बात अन्य खरीदी केंद्रों पर भी लागू होती है. उन्होंने कहा कि, सरकार ने चने की बिक्री हेतु पंजियन के लिए 14 मार्च 2023 तक समय रखा है. इससे बड़ी संख्या में किसान पंजियन से वंचित रह सकते हैं इस संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है. सरकार का काम है कि किसानों को न्याय देने के लिए अगुवाई करें और जिले में आवश्यकतानुसार केंद्र बढ़ाएं. यह मांग भी उन्होंने की.