Akola News: सिंधी भाषा दिवस के अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति भवन में भारतीय संविधान के सिंधी भाषा में आधिकारिक संस्करण का विमोचन किया. यह संस्करण देवनागरी और फ़ारसी दोनों लिपियों में प्रकाशित किया गया है. अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने विभाजन के बाद के कठिन दौर को याद करते हुए कहा कि विस्थापन की पीड़ा झेल रहे सिंधी समाज के लिए भाषा ने एक सशक्त सेतु का कार्य किया.
उन्होंने कहा कि सिंधी भाषा ने उस समय समुदाय को न केवल जोड़े रखा, बल्कि उनकी पहचान और आत्मबल को भी संबल दिया. उन्होंने इस पहल को भाषाई समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि मातृभाषा में संविधान उपलब्ध होने से आमजन की समझ बढ़ेगी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और विश्वास और मजबूत होगा.
इस अवसर पर केंद्रीय विधि एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार अर्जुन राम मेघवाल, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, लोकसभा सांसद शंकर लालवानी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.
इस अवसर पर अकोला से पूर्व नगराध्यक्ष एवं थैलेसीमिया सोसायटी के अध्यक्ष तथा भाजपा के वरिष्ठ पार्षद हरीश आलिमचंदानी, सिंधी जनरल पंचायत अध्यक्ष रमेश जग्यासी, विनोद मनवानी, कन्हैयालाल रंगवानी, सुरेश संतानी, हरीश कटारिया, कन्हैयालाल आहूजा, कमल आलिमचंदानी तथा युवा इंजीनियर संदीप आलिमचंदानी विशेष रूप से सम्मिलित हुए.इस स्वर्णिम अवसर पर अकोला के युवा सांसद अनूप धोत्रे की भी उपस्थिति रही.