Akola News: पातुर पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली बड़ी ग्राम पंचायतों में से एक शिर्ला ग्राम पंचायत के सचिव दिलीप वाहोकर को गंभीर अनियमितताओं और कर्तव्य में लापरवाही के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है.
यह कार्रवाई जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा की गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिलीप वाहोकर द्वारा महाराष्ट्र जिला परिषद सेवा आचरण नियम 1967 का उल्लंघन किए जाने की प्रथम दृष्टा पुष्टि हुई है. इसी आधार पर महाराष्ट्र जिला परिषद सेवा अनुशासन व अपील नियम 1964 के अंतर्गत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है.
आरोप है कि आशा स्वयंसेविका भर्ती में सरकार के नियमों और मार्गदर्शक निर्देशों के विपरीत कार्य करने, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने, कर्तव्यों में लापरवाही बरतने तथा ग्राम पंचायत में पहले से तीन ग्राम रोजगार सेवक होने के बावजूद नियमों के विरुद्ध अतिरिक्त सात ग्राम रोजगार सेवकों की नियुक्ति के लिए गलत प्रस्ताव पारित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पंचायत समिति बार्शीटाकली में रहेगा. इस अवधि में उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. साथ ही, किसी भी प्रकार की निजी नौकरी या व्यवसाय करने पर प्रतिबंध रहेगा. इस कार्रवाई ने ग्राम पंचायत प्रशासन में खलबली मचा दी है और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही व पारदर्शिता की मांग को और अधिक बल मिला है.