एनसीएमसी कार्ड लाड़की बहनो के लिए बन रहा सिरदर्द, बुज़ुर्गों और दिव्यांगों को मोफत कार्ड देने की मांग
एनसीएमसी कार्ड बनवाने में महिलाओं और बुजुर्गों को हो रही परेशानियों पर उषा जाधव ने उठाई आवाज़। सरकार से मुफ्त कार्ड की मांग, जिससे यात्रा आसान हो सके।
Akola News: महाराष्ट्र राज्य रोड परिवहन मंडल एसटी द्वारा यात्रा के लिए ज़रूरी किया गया। राष्ट्रीय नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड NCMC आजकल आम आदमी, खासकर ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और बुज़ुर्गों के लिए बड़ा सिरदर्द बनता जा रहा है, इस सक्ति से यात्रियो को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करने की आलोचना यहा की सामाजिक कार्यकर्त्या उषा जाधव ने की है।
अभी, ग्रामीण इलाकों में महिलाओं, दिव्यांगों और बुज़ुर्गों को यह कार्ड बनवाने के लिए तालुका तक जाना पड़ता है, उन्हें दिन में गर्मी में लंबी लाइनों में लगना पड़ता है और कुल 250 रुपये देने पड़ते हैं, जिसमें 199 रुपये की सरकारी फीस और 50 रुपये एक्स्ट्रा शामिल हैं।
उषा जाधव ने कहा कि, एक तरफ जहां सरकार लाड़की बहन योजना के तहत महिलाओं को एसटी बस यात्रा पर 50 परसेंट सवलियत दे रही है, वहीं दूसरी तरफ कार्ड के लिए पैसे क्यो लिए जा रहे भी उषा जाधव ने उपस्थित किया है। हालांकि 75 साल से ज़्यादा उम्र के सीनियर सिटिजन और स्कूल छात्रो को फ्री बस यात्रा के लिए कार्ड की ज़रूरत होती है, लेकिन सरकार के ही इसे मोफत उपलब्ध कराके देना चाहिए।
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साथ ही, लाड़ली बहनों को इस कार्ड की ज़रूरत से छूट मिलनी चाहिए, उन्होंने यह भी मांग की कि पड़ोसी राज्यों की तरह महाराष्ट्र में भी सभी महिलाओं के लिए एसटी बस यात्रा पूरी तरह से मोफत होनी चाहिए। इस कार्ड की ज़रूरत से आम जनता में नाराज़गी फैल गई है, प्रशासन को इस पर तुरंत ध्यान देकर आसान और मोफत सुविधा उपलब्ध कराके देने की मांग की है।
