

Akola Court Case Settlement: अकोला राष्ट्रीय एवं राज्य विधि सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार अकोला जिले के सभी दीवानी और फौजदारी न्यायालयों के साथ-साथ श्रम न्यायालय, सहकार न्यायालय, पारिवारिक न्यायालय, औद्योगिक न्यायालय और जिला उपभोक्ता शिकायत आयोग में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इस लोक अदालत में कुल 11,398 मामलों को समझौते हेतु रखा गया था। इनमें से 1,358 लंबित मामलों और 1,518 दाखिल पूर्व मामलों में समझौता हुआ। इस प्रकार कुल 2,872 मामलों का निपटारा किया गया। इनमें मुख्य रूप से दीवानी, फौजदारी, वैवाहिक विवाद, मोटर वाहन दुर्घटना मामले, धारा 138 एन।आई। एक्ट तथा ग्राम पंचायत के घरपट्टी/पानीपट्टी और बैंकों के दाखिल पूर्व मामले शामिल रहे।
इन मामलों में आपसी समझौते से कुल 9 करोड़ 37 लाख 78 हजार 530 रुपये की तडजोड हुई। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि आपसी सहमति से तलाक लेने वाले तीन दंपति पुनः साथ रहने के लिए तैयार हुए।
एक मामला तो वर्षों से लंबित था, जिसे लोक अदालत के माध्यम से समाप्त किया गया, मोटर वाहन दुर्घटना के कई मामले भी निपटाए गए। लोक अदालत के माध्यम से अनेक विवाद आपसी समझौते से समाप्त हो रहे हैं, जो समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है।
लोक अदालत की सफलता के लिए प्रभारी अध्यक्ष जिला विधि सेवा प्राधिकरण तथा प्रभारी प्रमुख जिल एवं सत्र न्यायाधीश ए. डी. क्षीरसागर और सचिव न्यायाधीश डी. एस. दाभाडे का मार्गदर्शन मिला जिले के सभी न्यायाधीश, न्यायालयीन कर्मचारी और अधिवक्ताओं का योगदान रहा।
इसके अलावा अकोला जिला विधि सेवा प्राधिकरण के अधीक्षक यू, आर वाडेगांवकर, सहायक अधीक्षक पी. एम. बलिंगे, संजय रामटेके, पी. एल. भगेवार, वैभव ताथोड, हरीश इंगले, धीरज मारके और अन्य कर्मचारी, विधि स्वयंसेवक तथा लोक अभिरक्षक कार्यालय के विधिज्ञों ने परिश्रम किया।