अकोला में आंधी और बारिश से गर्मी से राहत, 42 डिग्री तापमान के बीच बदला मौसम का मिजाज

Akola Weather Update: महाराष्ट्र के अकोला जिले में तेज आंधी और बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई क्षेत्रों में फसलों और घरों को नुकसान पहुंचा।
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Akola weather (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
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Akola Relief From Heatwave: पिछले कुछ दिनों से झुलसाने वाली गर्मी झेल रहे अकोला जिले के नागरिकों को शनिवार को हुई अनियंत्रित बारिश से कुछ राहत मिली। बिजली की गड़गड़ाहट और तेज़ आंधी के साथ हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

शनिवार को जिले का तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि, इस आंधीपानी से कुछ क्षेत्रों में घरों की टिन की छतें उड़ जाने से नुकसान भी हुआ। शनिवार तड़के जिले के कई हिस्सों में बिजली की गड़गड़ाहट के साथ बारिश हुई। आंधी का वेग अधिक होने से ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ घरों की दीवारें गिर गईं, जबकि शहर में बारिश ने वातावरण को ठंडा कर दिया।

बारिश की संभावना बनी हुई है

विशेष बात यह रही कि बारिश के बाद ज़मीन की गर्मी के कारण पानी तुरंत सोख लिया गया, जो ज़मीन की तपिश को दर्शाता है। नागपुर स्थित क्षेत्रीय मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी जिले के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है। गर्मी से मिली थोड़ी राहतइस वर्ष की गर्मी ने अकोला के नागरिकों को बुरी तरह परेशान कर दिया था। मार्च की शुरुआत में ही 2 मार्च को अकोला में देश का सर्वाधिक 38.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ था। अप्रैल के अंत तक यह पारा 46.9 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे नागरिकों का हाल बेहाल हो गया था।

दोपहर में सड़कें सुनसान

दोपहर में सड़कें सुनसान हो जाती थीं और सिर पर कपड़ा बांधने के बावजूद धूप से बचना मुश्किल हो रहा था। अब तापमान 3 से 4 डिग्री घटने से गर्मी की तीव्रता कम हुई है। शनिवार को 42.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

फसल और घरों को आंशिक नुकसानजिले में हुई अनियंत्रित बारिश और आंधी से कई क्षेत्रों की फसलें प्रभावित हुईं। कई घरों की टिन की छतें उड़ गईं। बार्शीटाकली क्षेत्र में प्याज और फल की फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जबकि अकोट में भी कुछ हिस्सों में नुकसान दर्ज किया गया।

पिछले वर्ष खरीफ और रबी सीजन में भी ऐसी ही अनियंत्रित बारिश हुई थी। इस बार गर्मी कम रहने का अनुमान था, लेकिन अप्रैल में दर्ज उच्च तापमान ने इसे गलत साबित कर दिया। अब मई में फिर से बारिश का दौर शुरू होने से किसानों में चिंता और नागरिकों में गर्मी से राहत का मिश्रित माहौल है।

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