

Akola Municipal Disaster Management: बरसात का मौसम शुरू हो चुका है और संभावित प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए अकोला महानगरपालिका में आयोजित एक विशेष बैठक में गहन मंथन किया गया। बैठक की अध्यक्षता महापौर शारदा खेडकर ने की, जबकि स्थायी समिति के सभापति विजय अग्रवाल और मनपा आयुक्त डॉ. सुनील लहाने प्रमुखता से उपस्थित रहे।
महानगरपालिका क्षेत्र में आपदा प्रबंधन हेतु चार स्वतंत्र पथक (टीमें) गठित की जाएंगी। ये टीमें चौबीसों घंटे (24x7) अलर्ट मोड पर कार्यरत रहेंगी और बरसात के दौरान जलभराव, पेड़ों का गिरना, स्ट्रीट लाइट बंद होना तथा जलापूर्ति में बाधा आने जैसी आपातकालीन समस्याओं का त्वरित समाधान करेंगी।
आपदा प्रबंधन के लिए आवश्यक तकनीकी सामग्री की तात्कालिक आधार पर खरीद की जाएगी। जमा पानी को बाहर निकालने हेतु जनरेटर चालित पंप और गिरे हुए पेड़ों को हटाने के लिए आधुनिक कटर मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही, सुरक्षा के दृष्टिकोण से शहर के कुंओं पर जाली लगाई जाएगी और नागरिकों की शिकायतों का तुरंत निपटारा किया जाएगा। जिन सड़कों पर पानी जमा होता है, उनका सर्वे कर स्क्रैपिंग कार्य की एक विस्तृत सूची तैयार की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उपमहापौर अमोल गोगे, सभागृह नेता पवन महल्ले, नगरसेवक नितिन ताकवाले, शरद तुरकर, प्रशांत जोशी, सुमेध अलोने, विजय पारतवार, गणेश शहाणे, अजय गुजर, मृणालिनी मानतकर, विठ्ठल देवकते, देविदास निकालजे, राजेश सरप तथा मनीष कथले सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अकोला महानगरपालिकाआयुक्त डॉ. सुनील लहाने ने कड़े आदेश जारी करते हुए कहा कि चारों क्षेत्रीय अधिकारी नागरिकों की शिकायतों का इंतजार न करें, बल्कि स्वयं रोजाना क्षेत्रों का निरीक्षण कर समस्याओं का तत्काल समाधान करें। बड़े नालों की सफाई, संकरी नालियों की मरम्मत और स्वच्छता निरीक्षकों द्वारा युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाने के स्पष्ट निर्देश भी उन्होंने दिए।
वहीं, महापौर शारदा खेडकर ने चेतावनी देते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।