

Washim Students: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग एमपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रतियोगी परीक्षाएं पूर्व की भांति ऑफलाइन माध्यम से ही आयोजित की जाएं तथा ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली लागू न की जाए, इस मांग को लेकर विद्यार्थियों के हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर लगातार आवाज उठाने वाले यहा के सामाजिक कार्यकर्ता मयूर राऊत ने प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शक अभिषेक राऊत एवं राजश्री भगत की उपस्थिति में विद्यार्थियों की ओर से जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी, वाशिम तथा निवासी उपजिलाधिकारी, वाशिम के माध्यम से महाराष्ट्र शासन को निवेदन सौंपा।
निवेदन में कहा गया है कि MPSC राज्य के लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों के भविष्य से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण एवं विश्वसनीय चयन प्रक्रिया है। ऐसे में ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली लागू होने पर तकनीकी समस्याएं, इंटरनेट एवं बिजली आपूर्ति में व्यवधान, कंप्यूटर प्रणाली में खराबी, परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थागत कमियां तथा Normalization प्रक्रिया के कारण मेधावी एवं परिश्रमी विद्यार्थियों के साथ अन्याय होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के अनेक विद्यार्थियों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा का पर्याप्त अनुभव, गुणवत्तापूर्ण इंटरनेट सुविधा तथा आवश्यक तकनीकी संसाधन सहज उपलब्ध नहीं हैं। जिसके कारण उन्हें प्रतिस्पर्धा में असमान परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। इससे परीक्षा की पारदर्शिता, समान अवसर के सिद्धांत तथा गुणवत्ताधारित चयन प्रक्रिया पर विश्वास प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की गई है।
निवेदन में यह भी मांग की गई है कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने से पहले राज्य के सभी जिलों में आवश्यक तकनीकी सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण परीक्षा केंद्र, निःशुल्क CBT अभ्यास केंद्र तथा विशेष रूप से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए़ अन्यथा ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली से ग्रामीण विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने के साथसाथ गुणवत्तापूर्ण प्रतिस्पर्धा में असमानता उत्पन्न होने की संभावना है़।