

Akola EV Charging Station: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की सरकार की नीति पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग का नेटवर्क बेहद धीमी गति से विकसित हो रहा है। महाराष्ट्र के कई पेट्रोल पंपों पर करीब दो वर्ष पहले चार्जिंग मशीनें स्थापित किए जाने के बावजूद वे अब तक शुरू नहीं हुई हैं। इन्हें तत्काल शुरू करने की मांग पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया ने की है। बाजोरिया ने कहा कि महाराष्ट्र में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अनेक पेट्रोल पंपों पर पिछले दो वर्षों से इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग मशीनें स्थापित हैं, लेकिन कई स्थानों पर ये मशीनें अभी भी बंद पड़ी हैं।
इससे इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को लंबी दूरी के सफर के दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने देशभर में चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। राष्ट्रीय राजमार्गों और शहरों के पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना भी लागू की जा रही है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर मशीनों का समय पर संचालन नहीं होना नीति और उसके क्रियान्वयन के बीच अंतर को दर्शाता है।
पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया ने केंद्र सरकार, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय तथा विभिन्न पेट्रोलियम कंपनियों से महाराष्ट्र में स्थापित सभी चार्जिंग स्टेशनों की स्थिति सार्वजनिक करने और उन्हें निश्चित समयसीमा में शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पेट्रोल पंप पर चार्जिंग स्टेशन शुरू होने की निश्चित तारीख घोषित की जानी चाहिए। उन्होंने तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को तत्काल दूर करने, उपभोक्ताओं को पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराने तथा प्रभावी संपर्क व्यवस्था शुरू करने की भी मांग की।
बिजली कनेक्शन और उच्च क्षमता (एचटी) बिजली आपूर्ति में देरी।
चार्जिंग मशीनों का कमिशनिंग और सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन अधूरा होना।
चार्ज प्वाइंट ऑपरेटर (सीपीओ) और तेल कंपनियों के बीच करार प्रलंबित रहना।
मेंटेनेंस, एएमसी या नेटवर्क कनेक्टिविटी से जुड़ी समस्याएं।
बिजली वितरण कंपनी से अंतिम अनुमति प्रलंबित होना।
इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या कम होने के कारण व्यावसायिक संचालन शुरू करने में देरी।
पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया ने कहा कि दो वर्ष पहले स्थापित की गई चार्जिंग मशीनें आज भी शुरू नहीं होना बेहद गंभीर बात है। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर जरूरी बुनियादी सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहन चालकों को चार्जिंग की चिंता लगातार बनी रहती है। ये मशीनें तत्काल शुरू होने से जनता को बड़ी सुविधा मिलेगी और यात्रा अधिक सुरक्षित व सुगम होगी।