पुणे मनपा की लीज संपत्तियों का होगा बड़ा ऑडिट, व्यावसायिक दुरुपयोग पर होगी सख्त कार्रवाई

Pune PMC Leased Properties: पुणे मनपा की लीज पर दी गई संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग और दुरुपयोग के आरोपों के बाद महापौर मंजूषा नागपुरे ने शहरभर में व्यापक सर्वे और ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।
Amid allegations of commercial misuse, Pune Municipal Corporation orders a city-wide survey and audit of all properties leased before 2008 for strict action
पुणे मनपा महापौर मंजूषा नागपुरे (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Pune Municipal Corporation Manjusha Nagpure: पुणे महानगरपालिका की लीज पर दी गई संपत्तियों के दुरुपयोग के आरोपों के बीच प्रशासन ने शहर भर की ऐसी सभी संपत्तियों का व्यापक सर्वे और ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। वर्ष 2008 से पहले राजनीतिक व्यक्तियों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न संगठनों को 30 से 99 वर्ष की अवधि के लिए नाममात्र किराए पर दी गई कई संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है।

आरोप है कि इन संपत्तियों से निजी स्तर पर लाखों रुपये की आय अर्जित की जा रही है, जबकि महानगरपालिका को इसका कोई विशेष आर्थिक लाभ नहीं मिल रहा। महानगरपालिका की आमसभा में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में नगरसेवकों ने सार्वजनिक संपत्तियों के उपयोग की समीक्षा करने तथा पुराने अभिलेखों की जांच कराने की मांग की।

इसके साथ ही मनपा की संपत्तियों की भूमि अभिलेख प्रविष्टियां पूरी करने और पुराने दस्तावेज खोजने के लिए राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। नगरसेवक अजय खेडेकर ने आरोप लगाया कि वर्ष 2008 से पहले लीज पर दी गई अनेक संपत्तियों की अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन उन्हें अब तक मनपा के कब्जे में वापस नहीं लिया गया।

कई मामलों में मूल करारपत्र तक उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इन स्थानों का खुलेआम व्यावसायिक उपयोग हो रहा है, जिससे महानगरपालिका को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले तीन वर्षों से जानकारी मांगने के बावजूद प्रशासन ने पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष दोनों के नगरसेवकों ने चिंता व्यक्त की।

व्यावसायिक उपयोग मिलने पर की जाएगी सख्त कार्रवाई

उन्होंने सार्वजनिक संपत्तियों के दुरुपयोग को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर मंजूषा नागपुरे ने प्रशासन को शहरभर की लीज पर दी गई सभी संपत्तियों का तत्काल सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

अतिरिक्त आयुक्त ओमप्रकाश दिवटे ने बताया कि प्रत्येक संपत्ति की वर्तमान स्थिति, उपयोग, लीज की शतों और करार की वैधता की जांच की जाएगी। यदि किसी संपत्ति का उपयोग करार के विपरीत या व्यावसायिक उद्देश्य से किया गया पाया गया, तो उसे तत्काल मनपा के कब्जे में लिया जाएगा और संबंधित पक्ष के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुराने अभिलेखों की होगी जांच-पड़ताल

पुणे मनपा प्रशासन वर्ष 2008 से पहले लीज पर दी गई सभी संपत्तियों के करारपत्र, भूमि अभिलेख और स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की दोबारा जांच करेगा। इसके लिए राजस्व विभाग के अनुभवी सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सहायता ली जाएगी। उद्देश्य यह है कि हर संपत्ति का सही रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।

सर्वेक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि लीज की अवधि समाप्त हुई है या नहीं। संपत्ति का उपयोग मूल करार के अनुसार हो रहा है या उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। किराया, करार की शर्तें और वर्तमान कब्जे की स्थिति का भी परीक्षण किया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर संपत्ति वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।

अब बढ़ेगी पारदर्शिता

प्रशासन का मानना है कि इस विशेष अभियान से सार्वजनिक संपत्तियों का डिजिटल और अद्यतन रिकॉर्ड तैयार होगा। भविष्य में संपत्तियों के आवंटन, नवीनीकरण और उपयोग पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। इससे महानगरपालिका की आय बढ़ाने और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

पुणे महानगरपालिका महापौर मंजूषा नागपुरे सार्वजनिक संपत्तियां जनता की हैं। उनका दुरुपयोग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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